
नई दिल्ली/रायपुर | Chaturpost Desk शेयर बाजार (Share Market) में पिछले कई दिनों से जारी सुस्ती और ऊहापोह की स्थिति आखिरकार खत्म होती दिख रही है। 6 मई को निफ्टी 50 ने 1.24 प्रतिशत की शानदार रिकवरी (Recovery) दर्ज करते हुए 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। वैश्विक संकेतों और तकनीकी चार्ट पर बन रहे मजबूत संकेतों ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है।
बाजार में तेजी के पीछे की बड़ी वजह (Global Cues)
बाजार की इस बढ़त के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम (International Events) का बड़ा हाथ है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते (Peace Deal) की खबरों और चीन की कूटनीतिक सक्रियता ने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को तेजी से नीचे गिराया है। तेल सस्ता होने का सीधा सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ (Technical Levels)
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि निफ्टी 24,300 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो अगला लक्ष्य 24,600 से 24,800 के स्तर हो सकते हैं।
मुनाफे वाली ट्रेड के लिए 15 सटीक डेटा पॉइंट्स (Data Points)
बाजार की दिशा समझने के लिए हमने आपके लिए 15 महत्वपूर्ण आंकड़ों का विश्लेषण (Analysis) किया है:
- बुलिश कैंडल (Bullish Candle): डेली चार्ट पर निफ्टी ने ‘बुलिश कैंडल’ बनाई है, जो बढ़ते रुझान का संकेत (Signal) है।
- RSI का संकेत: RSI (Relative Strength Index) बढ़कर 55.41 हो गया है, जो मोमेंटम में मजबूती दिखा रहा है।
- MACD इंडिकेटर: MACD जीरो लाइन के ऊपर बना हुआ है, जो खरीदारी का दबाव दर्शाता है।
- Put-Call Ratio (PCR): बाजार का मूड बताने वाला PCR बढ़कर 1.19 हो गया है। 1 से ऊपर का PCR तेजी का संकेत (Bullish Sentiment) माना जाता है।
- India VIX में गिरावट: बाजार की घबराहट मापने वाला इंडिया VIX 6.87% गिरकर 16.68 पर आ गया है। यह बुल्स (Bulls) के लिए राहत की बात है।
- कॉल ऑप्शंस डेटा (Nifty): सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट 25,000 के स्ट्राइक प्राइस पर है। यह शॉर्ट टर्म में कड़ी बाधा (Resistance) बन सकता है।
- पुट ऑप्शंस डेटा (Nifty): नीचे की तरफ 24,000 पर सबसे ज्यादा पुट राइटिंग हुई है, जो मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
- बैंक निफ्टी रिकवरी: बैंक निफ्टी ने भी एक लंबी हरी कैंडल बनाई है, जो एवरेज वॉल्यूम से ज्यादा है।
- Fibonacci Retracement: निफ्टी ने फरवरी के हाई और अप्रैल के लो के बीच के 50% रिट्रेसमेंट लेवल को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
- लॉन्ग बिल्ड-अप (Long Build-up): बाजार के 106 शेयरों में लंबी पोजीशन (Long Positions) बनती दिख रही है।
- शॉर्ट कवरिंग (Short-Covering): 73 शेयरों में शॉर्ट कवरिंग देखी गई, जिससे कीमतों को ऊपर जाने में मदद मिली।
- डिलीवरी ट्रेड्स: कई शेयरों में हाई डिलीवरी देखने को मिली है, जो ट्रेडर्स के साथ-साथ निवेशकों के बढ़ते भरोसे (Trust) को दिखाता है।
- F&O Ban: वर्तमान में कोई भी नया स्टॉक F&O बैन लिस्ट में शामिल नहीं है।
- शॉर्ट बिल्ड-अप: केवल 22 शेयरों में ही गिरावट की पोजीशन (Short positions) देखी गई।
- मूविंग एवरेज: निफ्टी अब अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट टिप (Expert Advice)
बाजार की इस तेजी के बीच सावधानी (Caution) भी जरूरी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 24,000 के ऊपर बना हुआ है, तब तक रणनीति ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) की होनी चाहिए। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखना ट्रांजिशन फेज (Transition Phase) में बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी फैसले से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें। Chaturpost.com किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
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