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बस्तर की इमली में मिठास से लेकर ‘हाईटेक’ पुलिसिंग तक: अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का पहला दिन

रायपुर (chaturpost.com) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्‍तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन सोमवार को बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में पहुंचकर जमीनी हकीकत को देखा, वहीं दूसरी तरफ राजधानी रायपुर से पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से अभेद्य बनाने के लिए करोड़ों रुपए की हाईटेक योजनाओं का शुभारंभ किया।

इस पूरे दौरे के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा सहित शासन-प्रशासन के शीर्ष अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अमित शाह के इस दौरे ने साफ कर दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर से माओवाद के समूल उन्मूलन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता (Full Commitment) के साथ कार्य कर रही हैं।

बस्तर का नेतानार: नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर डिजिटल सरकारके उजाले तक

गृह मंत्री अमित शाह अपने बस्तर प्रवास के दौरान सीधे जिले के नेतानार ग्राम स्थित सीआरपीएफ कैम्प (CRPF Camp) पहुँचे। यह वही इलाका है जो कभी घोर नक्सल प्रभावित माना जाता था, लेकिन आज यहाँ की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

अमित शाह ने यहाँ ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ (जन सुविधा केंद्र) का भव्य उद्घाटन किया। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नेतानार और आसपास के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मीलों दूर भटकना नहीं पड़ेगा।

यहाँ नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं (Online Services) उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचेगा।

Amit Shah Chhattisgarh Visit

सेवा सेतु केंद्र: 10 किमी की पैदल दूरी का हुआ अंत

गृह मंत्री ने यहाँ सेवा सेतु केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की।

  • दूरी से मिली मुक्ति: केंद्र में मौजूद ग्राम नेतानार निवासी सुखदेवी ने गृह मंत्री को बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का नया कार्ड बनवाया है। इस डिजिटल केंद्र के खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था। अब गांव में ही नया पंजीकरण और मोबाइल नम्बर अपडेट जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
  • महतारी वंदन योजना का लाभ: एक अन्य ग्रामीण महिला सोनामनी ने बताया कि वे काफी समय से महतारी वंदन योजना का ई-केवायसी कराना चाहती थीं, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण असमर्थ थीं। गांव में केंद्र खुलते ही उन्होंने आज ही अपना काम पूरा करवा लिया है।
  • एक ही जगह सारे प्रमाण पत्र: इस एकीकृत केंद्र के माध्यम से ग्रामीण अब जन्म, मृत्यु, आय, जाति और निवास जैसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रमाण पत्र (Online Certificates) आसानी से एक ही जगह पर बनवा सकेंगे।

इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, खाता खोलना, केवायसी और क्रेडिट लिंकेज जैसी बैंकिंग सुविधाएं ग्रामीणों को दे सकेंगी।

बस्तर की इमली का स्वाद: “यह खट्टा नहीं, मीठा है”

नेतानार के इमली प्रसंस्करण केंद्र (Tamarind Processing Center) में पहुँचकर गृह मंत्री ने एक बेहद आत्मीय पल साझा किया। यहाँ प्रशिक्षण पा रही गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं से उन्होंने मुलाकात की।

महिलाओं ने बताया कि कैसे वे वैज्ञानिक तरीके से इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प (Tamarind Pulp) तैयार कर रही हैं। इसे खुले बाजार में बेचकर वे अपनी आय में लगातार वृद्धि कर रही हैं।

समूह की महिला लंबी नाग ने जब गृह मंत्री को अपनी सफलता की कहानी सुनाई, तो अमित शाह ने खुद बस्तर की प्रसिद्ध इमली का स्वाद चखा। स्वाद चखने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा:

“यहाँ की इमली का स्वाद खट्टा नहीं, बल्कि इसमें बहुत मिठास है। यह मिठास यहाँ की महिलाओं की आत्मनिर्भरता और उनकी मेहनत की है।”

महिलाओं ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना ₹1,00,000 तक की अतिरिक्त आय आसानी से अर्जित कर पा रही हैं।

इसके अलावा अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और ‘धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र’ का भी अवलोकन किया, जहाँ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ धान की कुटाई से निकलने वाली भूसी से पशुओं के लिए पौष्टिक आहार भी तैयार किया जा रहा है।

अमर वाटिका में शहीदों को नमन: “त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा”

नेतानार के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जगदलपुर स्थित ‘अमर वाटिका’ पहुँचे। यहाँ का दृश्य बेहद भावुक करने वाला था।

अमित शाह ने माओवाद के विरुद्ध संघर्ष में बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 1,000 से अधिक अमर शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा के बाद गृह मंत्री ने बीजापुर नक्सली हमले में शहीद हुए वीर जवान कालेन्द्र प्रसाद नायक एवं पवन कुमार मंडावी के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की।

अमित शाह औपचारिकताओं को छोड़ शहीद परिवारों के बीच जमीन पर बैठे, उनका दुख साझा किया, ढांढस बंधाया और केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

रायपुर से बड़ी सौगात: अब पूरे 33 जिलों में दौड़ेगी अत्याधुनिक डायल 112′

बस्तर के दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक भव्य राज्यस्तरीय समारोह में हिस्सा लिया। यहाँ उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए ‘अत्याधुनिक डायल 112’ आपातकालीन सेवा (Emergency Service) तथा आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के विशाल बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 सेवा पहले केवल राज्य के 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसका ऐतिहासिक विस्तार (System Expansion) करते हुए इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है।

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क्या है नई अत्याधुनिक डायल 112′ की खासियतें?

  • एआई आधारित लोकेशन ट्रैकिंग: इस नई प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति (GPS Location) का सटीक पता स्वतः लग जाएगा।
  • मजबूत कंट्रोल रूम बैकअप: आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी तकनीकी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अलावा, नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में एक वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है।
  • वाहनों का बड़ा बेड़ा: सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए आज कुल 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन तथा 60 नए राजमार्ग गश्ती वाहन (Highway Patroling Vehicles) विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए गए।
  • मल्टी-चैनल सपोर्ट: अब राज्य के नागरिक केवल फोन कॉल ही नहीं, बल्कि ‘112 इंडिया अनुप्रयोग’, संकट संकेत सेवा (Panic Button), लघु संदेश सेवा (SMS), सोशल मीडिया, वेब अनुरोध और ईमेल के जरिए भी तुरंत पुलिस सहायता, एम्बुलेंस या अग्निशमन सेवा प्राप्त कर सकेंगे।

फॉरेंसिक मोबाइल वैन: वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

नए आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 176 के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

नवे कानून के तहत उन सभी गंभीर अपराधों में, जिनमें 7 वर्ष या उससे अधिक की सजा निर्धारित है, घटनास्थल पर फॉरेंसिक विज्ञान दल (Forensic Science Team) की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य किया गया है।

इसी उद्देश्य से आज अमित शाह ने 32 आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाओं (Forensic Mobile Vans) को मैदान में उतारा। ये वैन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित चलती-फिरती प्रयोगशालाएं हैं।

इन मोबाइल वैन की सहायता से फॉरेंसिक विशेषज्ञ अपराध स्थल पर त्वरित रूप से पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को नष्ट होने से बचा सकेंगे।

इससे न्यायालय में पुख्ता और अकाट्य साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस व्यापक दौरे और तकनीकी शुरुआतों को छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण (Modernization of Law and Order) और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक युगांतकारी कदम माना जा रहा है।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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