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बड़ी खुशखबरी! छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनरों की 11 लंबित मांगों पर मुख्य सचिव का बड़ा आश्वासन, जल्द होगा समाधान

रायपुर (चतुरपोस्ट)। छत्तीसगढ़ के लाखों बुजुर्गों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी खुशखबरी (Good News) सामने आ रही है। काफी लंबे समय से अटके हुए पेंशनर्स के लंबित वित्तीय मुद्दों (Pending Financial Issues) को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) से एक खास सौजन्य भेंट की। इसके परिणामस्वरूप (As a result), लगभग एक घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में पेंशनरों की 11 सूत्रीय मांगों पर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।

महासंघ ने मुख्य सचिव को अलग-अलग विषयों पर विस्तृत ज्ञापन (Memorandum) सौंपे, जिसके बाद शासन की ओर से त्वरित कार्यवाही (Quick Action) करने का एक बेहद मजबूत और ठोस आश्वासन मिला है।

कैशलेस इलाज और महंगाई राहत पर केंद्रित रही चर्चा

पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को बताया कि वास्तव में (In fact), ये 11 मांगें पिछले कई सालों से धूल खा रही हैं। इन मांगों के पूरे होने से छत्तीसगढ़ के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ (Direct Benefit) मिलेगा और वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

इसके विपरीत (On the contrary), समय पर फैसले न होने के कारण पेंशनर समाज में काफी निराशा का माहौल था, जिसे दूर करने के लिए अब सरकार सक्रिय दिखाई दे रही है। मुख्य सचिव ने भी महासंघ की इस बात के लिए तारीफ की कि उन्होंने सभी जरूरी और संवैधानिक अधिकारों (Constitutional Rights) को बहुत ही व्यवस्थित ढंग से सरकार के सामने रखा है।

पेंशनर्स महासंघ की 11 प्रमुख मांगें: जिन पर हुआ बड़ा मंथन

पेंशनरों की सहूलियत और पाठकों की आसानी के लिए महासंघ द्वारा सौंपे गए सभी 11 प्रमुख मुद्दों (Major Demands) को नीचे विस्तार से समझाया गया है:

  • 1. मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को हटाना: छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित कर इस अटकी हुई धारा को हमेशा के लिए समाप्त किया जाए।
  • 2. पेंशनर कल्याण मंडल का पुनर्गठन: इस मंडल का नए सिरे से गठन करके इसका नियमित और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।
  • 3. सहायता राशि में बढ़ोतरी: पेंशनर कल्याण निधि नियमों का पुनरीक्षण (Review) कर बुजुर्गों को मिलने वाली सहायता राशि का दायरा बढ़ाया जाए।
  • 4. 2% महंगाई राहत (DR) का भुगतान: केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप 01 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत को एरियर (Arrears) सहित तुरंत मंजूर किया जाए।
  • 5. पेंशन रोकने की प्रवृत्ति पर पाबंदी: ‘न मांग-न जांच प्रमाणपत्र’ के नाम पर बुजुर्गों की पेंशन रोकने के नियम को पूरी तरह खत्म किया जाए।
  • 6. कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करना: राज्य सरकार की प्रस्तावित कैशलेस इलाज योजना (Cashless Medical Scheme) का लाभ पेंशनरों और उनके परिवारों को भी दिया जाए।
  • 7. बुजुर्गों के लिए मुफ्त बस यात्रा: 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक अटेंडेंट (सहायक) के साथ फ्री बस यात्रा के सरकारी आदेश को सख्ती से लागू किया जाए।
  • 8. संभाग और जिलों में अलग पेंशन दफ्तर: पेंशनरों को भटकना न पड़े, इसलिए (Therefore) सभी संभागों और जिलों में एक समर्पित और पृथक पेंशन कार्यालय खोला जाए।
  • 9. रिटायरमेंट के दिन ही पूरा भुगतान: किसी भी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति (Retirement) वाले दिन ही उसके सभी वैध देयकों और फंड का शत-प्रतिशत भुगतान पक्का हो।
  • 10. ई-पेंशन कार्ड और डिजिटल ऐप: सभी पात्र पेंशनरों को ‘ई-पेंशन कार्ड’ जारी कर उन्हें सरकार के अधिकारिक ‘ई-कोष लाइट’ (e-Kosh Lite) मोबाइल एप्लीकेशन पर अपलोड किया जाए।
  • 11. हाई कोर्ट के फैसलों का क्रियान्वयन: उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा पेंशनरों के पक्ष में दिए गए विभिन्न फैसलों के तहत लंबित भत्तों और बकाए का जल्द भुगतान हो।

मुख्य सचिव का संवेदनशील रुख, जल्द दिखेगा असर

विशेष रूप से (Particularly), इस पूरी मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव का दृष्टिकोण बेहद संवेदनशील और सकारात्मक (Positive Approach) रहा। उन्होंने महासंघ के एक-एक ज्ञापन को गंभीरता से पढ़ा और आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों (Departments) को भेजकर इसका तुरंत तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, ताकि बिना किसी देरी के त्वरित कार्यवाही (Quick Action) की जा सके।

अंततः (Ultimately), इस बैठक के बाद भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने राहत की सांस ली है। इस ऐतिहासिक मुलाकात में प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के साथ कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे. पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, संभागीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिन्हा और दैनिक वेतनभोगी प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल पाठक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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