
रायपुर (चतुरपोस्ट)। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य के करीब साढ़े पांच लाख अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों की एक सूत्रीय मांग को लेकर ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के बैनर तले आज एक उच्च स्तरीय मुलाकात हुई है।
इसके तहत (Under this), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ‘मोदी की गारंटी’ को याद दिलाया गया। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के लंबित वित्तीय हितों (Pending Financial Interests) पर खुलकर बात की, जिस पर मुख्य सचिव की ओर से जल्द ही सकारात्मक विचार करने का ठोस आश्वासन मिला है।
‘मोदी की गारंटी’ के तहत 2% डीए और एरियर की मांग तेज
अभियान के प्रदेश संयोजक और प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने मुख्य सचिव को जमीनी हकीकत से अवगत कराया। वास्तव में (In fact), छत्तीसगढ़ भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान ही महंगाई भत्ता और राहत दी जाएगी।
इसके परिणामस्वरूप (As a result), संगठन द्वारा मुख्य सचिव के समक्ष मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें रखी गईं:
- ▪️ 2% महंगाई भत्ता और राहत: केंद्र सरकार के अनुरूप 01 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) तुरंत स्वीकृत की जाए।
- ▪️ 86 महीनों का लंबित एरियर: साल 2017 से केंद्र के समान देय तिथि से डीए स्वीकृत नहीं होने के कारण कुल 86 महीनों का डीए एरियर (DA Arrears) अटका हुआ है, जिसे जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
16 हजार कर्मचारियों के हस्ताक्षर के बाद भी कार्यवाही न होने से निराशा
मुलाकात के दौरान कर्मचारी नेताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि शासन स्तर पर लगातार देरी हो रही है। इसके विपरीत (On the contrary), पूर्व में मुख्य सचिव के निर्देश पर ही वित्त सचिव (Finance Secretary) को 16 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों की हस्ताक्षर युक्त सूची भेजी जा चुकी है।
विशेष रूप से (Particularly), इसके बाद भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही शुरू नहीं हो पाई है। यही वजह है कि प्रदेश के 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों और करीब 1.50 लाख पेंशनरों में भारी हताशा और निराशा का माहौल बना हुआ है।
इन दिग्गज नेताओं ने संभाली कमान, मुख्य सचिव ने दिया आश्वासन
इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में ‘एक मांग एक मंच अभियान’ की कोर टीम के प्रमुख चेहरे शामिल रहे। इसलिए (Therefore), इस मांग पत्र को सौंपने के लिए करन सिंह अटेरिया के साथ निम्नलिखित पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- 1. जितेंद्र सिंह ठाकुर (प्रदेश सचिव, एक मांग एक मंच अभियान एवं प्रांताध्यक्ष, प्रदेश कोषालय कर्मचारी संघ)
- 2. विद्या भूषण दुबे (प्रदेश प्रवक्ता, एक मांग एक मंच अभियान)
- 3. महेंद्र सिंह राजपूत (पूर्व अध्यक्ष, मंत्रालय कर्मचारी संघ)
आधिकारिक प्रतिक्रिया: मुख्य सचिव ने सौंपे गए पूरे ज्ञापन को बेहद गंभीरता से पढ़ा और कर्मचारी नेताओं को आश्वस्त किया कि इस संवेदनशील विषय और लंबित एरियर के भुगतान की मांगों पर सरकार बहुत जल्द ही उचित विचार करेगी।
अंततः (Ultimately), इस मुलाकात के बाद कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि सरकार अपने वादे के मुताबिक जनवरी 2026 से बकाया 2% डीए और एरियर पर जल्द ही कोई बड़ा और ऐतिहासिक फैसला (Historic Decision) ले सकती है।
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