
ACB बिलासपुर । छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) ने फिर एक सरकारी बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला आदिम जाति कल्याण विभाग का है।
अंतरजातीय विवाह योजना में रिश्वतखोरी
मामला अंतरजातीय Interracial विवाह योजना से जुड़ा है। एसीबी की बिलासपुर यूनिट Bilaspur Unit ने आदिम जाति कल्याण विभाग के एक बाबू को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने अंतराजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता के लिए आवेदन किया था।
बिलासपुर जिला के युवक ने किया था आवेदन
रिश्वतखोरी का यह पूरा मामला बिलासपुर जिले Tribal Welfare Department का है। शिकायतकर्ता युवक ने अपनी शादी के बाद अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अनुदान के लिए बिलासपुर में आवेदन किया था। बताते चलें कि अलग-अलग जातियों में शादी करने वाले जोड़ों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
ACB ढाई लाख के लिए मांगी 10 हजार की रिश्वत
अंतरजातीय विवाह करने वाले प्रार्थी युवक ने योजना के तहत प्रोत्सहन राशि के लिए आवेदन किया। फाइल आदिम जाति विभाग के बाबू मनोज टोंडेकर के पास पहुंची। जहां टोंडेकर ने योजना के तहत ढाई लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी करने के लिए आवेदक युवक से 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की ।
एसीबी ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार
रिश्वत मांगें जाने से नाराज युवक ने इसकी शिकायत एसीबी के बिलासपुर कार्यालय में की। शिकायत का एसीबी ने सत्यापन कराया, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद एसीबी की टीम ने रिश्वतखोर बाबू टोंडेकर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया।
ACB आरोपी बाबू से पूछताछ जारी
एसीबी ने प्रार्थी युवका को 10 हजार रुपए के साथ बाबू मनोज टोंडेकर के पास भेजा। बाबू ने जैसे ही रिश्वत की रकम लिया मौके की ताक में खड़ी एसीबी की टीम ने उसे घेर कर पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत के रुप में ली गई रकम भी जब्त की गई है। एसीबी की टीम बाबू टोंडेकर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।




