ACB Trap रायपुर। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने फिर दो रिश्वतखोरों को जाल बिछाकर पकड़ा है। रिश्वत लेते पकड़े गए दो सरकारी कर्मियों में एक तहसील का बाबू और दूसरा पटवारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार में सहयोग करने वाले कोटवार को भी गिरफ्तार किया है।
एसीबी ने दुर्ग में तहसील कार्यालय बोरी के बाबू को रिश्वत लेते गिरफ्तार पकड़ा है। बाबू पर जमीन के नामंतरण के एवज में रिश्वत लेने का आरोप लगा है। पकड़े गए बाबू का नाम वीरेंद्र तुरकाने है। तुरकाने के खिलाफ टेकापारा दुर्ग निवासी झनेंद्र कुमार ने एसीबी से शिकायत की थी।
प्राथी झनेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने ग्राम टेकापारा में जमीन खरीदी है, इसके नामांतरण के लिए उन्होंने तहसील कार्यालय बोरी में वीरेंद्र तुरकाने से संपर्क किया। वीरेंद्र तुरकाने ने एक जमीन के नामांतरण के लिए पांच हजार रुपए की मांग की। झनेंद्र कुमार को कुल चार जमीनों का नामांतरण करना था, इसलिए उनसे कुल 20 हजार रुपए की मांग की गई।
शिकायत के सत्यापन के दौरान एसीबी ने झनेंद्र कुमार के जरिये मोलभाव कराया। इस पर बाबू वीरेंद्रतुरकाने 20 हजार के स्थान पर 17 हजार 500 रुपए में काम करने को तैयार हो गया। योजनाबद्ध तरीके से एसीबी की टीम ने प्रार्थी को रिश्वत की रकम के साथ आज बाबू के पास भेजा और जैसे ही उसने पैसे लिए टीम ने घेर लिया।
रिश्वतखोरी का दूसरा मामला भी जमीन के नामांतरण से जुटा है। यह केस रायपुर जिला का है। अभनपुर के ग्राम गोतियाडीह निवासी जयवर्धन बघेल ने एसीबी से पटवारी पुष्पेंद्र गजपाल के खिलाफ एसीबी में शिकायत की थी। बताया कि जमीन के नामंतरण के लिए पटवारी आठ हजार रुपए की मांग कर रहा है। सत्यपन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने आज जाछ बिछाया और प्रार्थी को रिश्वत की रकम के साथ पटवारी के पास भेजा। जहां पटवारी के साथ ही उसके सहयोगी के रुप में नायकबांधा का कोटवार गौतम कुमार मौजूद था। दोनों ने रिश्वत की रकम ले ली। एसीबी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।