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ACB Trap रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंजीनियर: ग्राम पंचायत सचिव की शिकायत पर एसीबी ने की कार्यवाही

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ACB Trap सुकमा। Chhattisgarh के सुकमा में एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवार्र करते हुए ग्रामीण सेवा Rural Services के उप अभियंता को रिश्वत लेत पकड़ा है। उप अभियंता ने मूल्यांकन रिपोर्ट Evaluation Report देने के लिए सचिव से 30 हजार रुपए के रिश्वत की मांग की थी।

उप अभियंता के खिलाफ मनीराम कश्यप ने एसीबी से शिकायत की है। मनीष कश्यप ग्राम पंचायत चिरउवाड़ा का सचिव है। यह पंचायत जनपद पंचायत छिंदगढ़ जिला सुकमा में आता है।

उप अभियंता प्रदीप कुमार बघेल के खिलाफ पंचायत सचिव कश्यप ने एंटी करप्शन ब्यूरो जगदलपुर में शिकायत की थी। इसमें कश्यप ने बताया कि वर्ष 2023-24 में उनके जनपद पंचायत छिंदगढ़ के लिए छह लाख की लागत से पुलिया निर्माण के लिए स्वीकृति मिली थी, जिसका निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

पुलिया का मूल्यांकन रिपोर्ट देने के लिए मांगी रिश्वत

पुलिया का निर्माण पूरा होने के बाद उसका मूल्यांकन रिपोर्ट देने के लिए पंचायत सचिव ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यालय जनपद पंचायत छिंदगढ़ में पदस्थ उप अभियंता प्रदीप कुमार बघेल से संपर्क किया। इस दौरान प्रदीप कुमार बघेल ने मूल्यांकन रिपोर्ट देने के एवज में 30,000 रुपए रिश्वत की मांग की। पंचायत सचिव कश्यप रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी उप अभियंता बघेल को रिश्वत Bribe लेते रंगे हाथों red-handed पकड़वाना चाहता था।

सत्यापन में सही पाई गई शिकायत

अफसरों ने बताया कि पंचायत सचिव से मिली शिकायत सत्यापन के दौरान सही पाई गई। सत्यपान के दौरान भी आरोपी 30,000 रुपए लेने के लिए सहमत हुआ। साथ ही पुराने भवन के मूल्यांकन का भी 40,000 रुपए अतिरिक्त कमीशन की मांग की।

रिश्वत की तय हुई किस्त

सत्यापन के दौरान रिश्वत की रकम दो किस्तों में देने पर सहमति बनी। आज पहली किस्त के रुप में 30 हजार रुपए लेकर पंचायत सचिव कश्यप उप अभियंता के पास पहुंचे, जहां एसीबी की टीम पहले से तैनात थी। इंजीनियर बघेल ने जैसे ही रिश्वत की रकम ली, ताक में बैठे एसीबी के अफसरों ने उसे दबोच लिया।

घर की तलाशी

रिश्चत लेते रंगे हाथ पकड़े गए उप अभियंता बघेल के घर एसीबी ने सर्च किया। इसमें चल-अचल संपत्ति के साथ ही निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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