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ACB Trap नगर पालिका में ACB का बड़ा छापा: 9% कमीशन के खेल में रंगे हाथ धराए CMO और लेखापाल

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ACB Trap  मनेंद्रगढ़/अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के नगर निकायों में चल रहे ‘कमीशनखोरी’ के खेल का आज अंबिकापुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भंडाफोड़ किया है। मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) मो. इशहाक खान और प्रभारी लेखापाल सुशील कुमार को 33,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार का यह मामला 9 प्रतिशत कमीशन की डिमांड से जुड़ा है।

निर्माण कार्य के भुगतान के लिए मांगा था 9% कमीशन

प्रार्थी चंद्रमणि वर्मा, जो मनेन्द्रगढ़ में ‘साईं कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर’ नाम की फर्म चलाते हैं, उन्होंने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। चंद्रमणि ने वार्ड क्रमांक 11 में रिटर्निंग वॉल और वार्ड क्रमांक 8 में सीसी सड़क का निर्माण कराया था। इन कार्यों के करीब 5.90 लाख रुपये के भुगतान के एवज में सीएमओ मो. इशहाक खान और प्रभारी लेखापाल सुशील कुमार 53,000 रुपये (कुल राशि का 9 प्रतिशत) रिश्वत की मांग कर रहे थे।

बिल रोकने की दी थी धमकी

शिकायत के अनुसार, अधिकारी प्रार्थी पर पिछले बिलों के कमीशन के लिए भी दबाव बना रहे थे। कमीशन नहीं देने पर भविष्य के सभी बिलों का भुगतान रोकने की धमकी दी गई थी। भ्रष्टाचार से तंग आकर ठेकेदार ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़वाने की योजना बनाई।

बिछाया गया जाल: रंगे हाथ हुई गिरफ्तारी

एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसके दौरान आरोपी लेखापाल सुशील कुमार ने पहले ही 20,000 रुपये ले लिए थे। आज 23 मार्च 2026 को एसीबी अंबिकापुर की टीम ने जाल बिछाया और प्रार्थी से शेष 33,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सीएमओ मो. इशहाक खान और सुशील कुमार को दबोच लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7, 12 पीसी एक्ट 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी की इस कार्रवाई से पूरे नगर पालिका और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। टीम अब अन्य दस्तावेजों और भ्रष्टाचार के पुराने रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है।

📍 मनेन्द्रगढ़ ACB ट्रेप: मुख्य विवरण

  • आरोपी 1: मो. इशहाक खान (CMO, नगर पालिका मनेन्द्रगढ़)
  • आरोपी 2: सुशील कुमार (प्रभारी लेखापाल/सहायक राजस्व निरीक्षक)
  • रिश्वत की मांग: कुल राशि का 9 प्रतिशत (53,000 रुपये)
  • भुगतान का मामला: 5.90 लाख रुपये के निर्माण कार्य का बिल
  • कार्रवाई: धारा 7, 12 पीसी एक्ट के तहत गिरफ्तार
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