Afim ki Kheti रायगढ़/लैलूंगा: छत्तीसगढ़ में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश में एक के बाद एक अफीम की खेती के मामले सामने आने के बीच अब रायगढ़ जिले के लैलूंगा में अफीम की अवैध फसल पकड़ी गई है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने नवीन घटगांव में दबिश देकर तीन अलग-अलग खेतों में उगाई गई अफीम की फसल को जब्त कर उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नवीन घटगांव में किसानों ने उगाई थी अफीम
मिली जानकारी के अनुसार, लैलूंगा के नवीन घटगांव में अफीम की खेती की गुप्त सूचना प्रशासन को मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि तीन स्थानीय किसानों ने अपने खेतों के बड़े हिस्से में अफीम की फसल लगा रखी थी।
इन किसानों पर हुई कार्रवाई:
1. अभिमन्यु नाग: 15 डिसमिल क्षेत्र में अफीम की खेती।
2. जगतराम: करीब 2 डिसमिल में फसल।
3. साधुराम नागवंशी: 10 डिसमिल में अवैध अफीम की खेती।
प्रशासन की टीम वर्तमान में फसल को जब्त करने और उसे पूरी तरह नष्ट करने की कार्यवाही में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का यह 5वां मामला
छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अवैध खेती के कई मामले उजागर हुए हैं:
दुर्ग: सबसे पहले दुर्ग में एक भाजपा नेता के खेत में अफीम पकड़ी गई थी।
बलरामपुर: यहाँ दो अलग-अलग स्थानों पर खेती मिली, जिसमें झारखंड के लोगों द्वारा खेत किराए पर लेकर अफीम उगाने की बात सामने आई।
रायगढ़ (पिछला मामला): दो दिन पहले ही रायगढ़ में झारखंड के एक व्यक्ति (जिसका वहां ससुराल है) द्वारा अफीम उगाते हुए पकड़ा गया था।
Afim ki Kheti सियासत भी गरमाई: पूर्व CM भूपेश बघेल का हमला
अफीम की खेती के इन मामलों ने प्रदेश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा है। बघेल ने आरोप लगाया कि धमतरी जिले में एक भाजपा नेता के खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती हो रही थी, लेकिन मामला उजागर होते ही साक्ष्यों को मिटाने के लिए फसल पर बुलडोजर चला दिया गया।

