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Afim Ki Kheti पर राजनीति की खेती: PCC चीफ ने पूछा- यह संयोग या सरकार का नया प्रयोग? BJP बोली- रास नहीं आ रही कार्यवाही

Afim Ki Kheti  छत्‍तीसगढ़ में एक के बाद एक अफीम की खेती के मामले उजागर हो रहे हैं इसकी वजह से प्रदेश में अफीम पर राजनीति होने लगी है, सरकार और कांग्रेस

Afim Ki Kheti  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में एक के बाद एक पकड़ी जा रही अफीम की खेती पर राजनीति तेज हो गई। कांग्रेस इसको लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है। पीसीसी चीफ दीपक बैज सवाल कर रहे हैं कि अफीम की खेती संयोग है या सरकार का कृषि के क्षेत्र में कोई नया प्रयोग। भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस  शासकाल में नशा और नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है। भाजपा कह रही है कि नशे के खिलाफ कार्यवाही कांग्रेस को रास नहीं आ रही है।

अब तक अफीम की खेती के चार मामले

छत्‍तीसगढ़ में अब तक अफीम की खेती के चार मामले समाने आ चुके हैं। यह सभी मामले इसी महीने उजागर हुए हैं। पहला केस दुर्ग में सामने आया। इसके बाद बलरामपुर में दो स्‍थानों पर अफीम की खेती पकड़ी गई। एक दिन पहले रायगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछे छह सवाल

1. अफीम की खेती क्या संयोग मात्र है या भाजपा सरकार का कृषि के क्षेत्र में नया प्रयोग?

2. अफीम की खेती का खुलासा जनता ने किया है। पुलिस और राजस्व अमला क्या कर रहा था?

3. अफीम की खेती के गिरदावरी में अन्य फसल तथा सब्जी कैसे लिखा गया?

4. दुर्ग में अफीम खेती का सरगना विनायक ताम्रकार के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मधुर संबंध थे। दर्जनों नेताओं के साथ उसकी फोटो व भाजपा के कार्यक्रमो में उसकी सक्रिय सहभागिता बताती है। क्या भाजपा अपने इन नेताओं पर कार्यवाही करेगी?

5. भाजपा ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से क्यों नहीं निकाला?

6. विनायक ताम्रकार को भाजपा क्यों बचाना चाहती है? उसको पुलिस ने मुख्य आरोपी क्यों नहीं बनाया? उसे एफआईआर में तीसरे क्रम पर क्यों रखा गया?

भाजपा के लोग ही करा रहे हैं अफीम की खेती: बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आरोप है कि भाजपा के लोग ही अफीम की खेती करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्ग में खेती करने वाला उनका पदाधिकारी, बलरामपुर में खेती के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाला भाजपा का पदाधिकारी, तमनार में भी अफीम फल-फूल रहा है। धमतरी के नगरी-सिहावा में भी भाजपा के एक पदाधिकारी के फार्महाउस में 20 एकड़ में अफीम लगा हुआ था, जैसे ही मैंने यह बयान दिया कि नगरी में भी अफीम की खेती हो रही है तो उन्होंने तुरंत बुलडोजर चला दिया।

कांग्रेस राज में छत्तीसगढ़ नशे का नेशनल हाईवे बन गया था: भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केएस चौहान ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता यह भूल गए हैं कि प्रदेश में नशे के गोरख धंधे को कांग्रेस शासनकाल में पूरा संरक्षण मिला हुआ था।

प्रदेश में शराब और अन्य नशे के धंधों से संलिप्त लोगों के खिलाफ कांग्रेस शासनकाल में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। उन्हें खुला छूट मिली हुई थी, लेकिन आज प्रदेश की साय सरकार नशे के कारोबारियों को पकड़ कर उस पर तत्काल कार्यवाही भी कर रही है। और यही बात कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को रास नहीं आ रही है।

कांग्रेस शासनकाल में तो छत्तीसगढ़ में हर तरफ अपराधियों का बोलबाला रहा। नशा खोरों और अपराधियों की शरण स्थली रही है कांग्रेस। उन्होंने कहा कि भूपेश शासनकाल में छत्तीसगढ़ नशे का नेशनल हाईवे बन गया था। खुलेआम नशीले पदार्थों का व्यापार होता रहा।

तत्कालीक कांग्रेस सरकार के संरक्षण में नशे के व्यापारियों ने छत्तीसगढ़ की एक अलग ही पहचान बना दी थी। कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ में 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक का शराब घोटाला किया गया। आज वहीं कांग्रेसियों को नशे के व्यापारियों पर हो रही कार्यवाही दिख नहीं रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नशे का कारोबार भरपूर फला और फूला। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को इस पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। एक बात तो स्पष्ट है कि कांग्रेस ने नशा परोसा और विष्णु के सुशासन वाली सरकार नशे के खिलाफ अभियान चलाकर ताबड़तोड़ कार्यवाही कर रही है ।

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