
Afim ki Kheti रायपुर। छत्तीसगढ़ क्या अफीम की खेती का गढ़ बन गया है। यह सवाल इस वजह से उठ रहा है क्योंकि दुर्ग के बाद एक और जिला में अफीम की खेती पकड़ी गई है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने करीब दो एकड़ में फैले अफीम की फसल को जब्त किया है।
बलरामपुर में सामने आया मामला
दुर्ग के बाद छत्तीसगढ़ के जिस जिला में अफीम की खेती पकड़ी गई है उसका नाम बलरामपुर है। मामला कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी के सरनाटोली गांव का है। गांव और जंगल के बीच करीब दो एकड़ में अफीम की फसल बोई गई थी। 10 मार्च को ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे जब्त किया है।
अफीम पूरी तरह तैयार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार त्रिपुरी के पास मिले अफीम की खेत में फसल लगभग तैयार हो चुका है। डोडों में चीरा लगाया जा चुका है। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंच गई।
कौन करा रहा था बलरामपुर में अफीम की खेती
बलरामपुर में अफीम की खेती कौन करा रहा था अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस मामले में झारखंड के किसी व्यक्ति का नाम आ रहा है। जानकारी के अनुसार जहां अफीम की खेती की जा रही थी वह क्षेत्र झारखंड की सीमा से लगा हुआ है।
Afim ki Kheti इधर, दुर्ग में नष्ट की गई पूरी फसल
दुर्ग में पुलिस ने अफीम की पूरी खेती को नष्ट कर दिया है। वहां किए गए अतिक्रमण को भी ध्वस्त कर दिया गया है। बता दें कि दुर्ग में भाजपा के नेता विनायक ताम्रकर पर अफीम की अवैध रुप से खेती कराने का आरोप लगा है। इसको लेकर जमकर राजनीति हो रही है।




