
Afim ki Kheti रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में माहौल इतना गरमाया कि कांग्रेस के सभी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में पहुंच गए। सदन में दोनों तरफ से आरोप- प्रत्यारोप के बीच जमकर नारेबीज हुई।
इस वजह से हुआ हंगामा
दो दिन पहले दुर्ग में उजागर हुए इस मामले में कांग्रेस की तरफ से विधानसभा में स्थगन की सूचना दी गई थी। प्रश्रकाल के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया और स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया।
नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में पहुंचे कांग्रेसी
स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने से नाराज कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में पहुंच गए। विपक्षी सदस्य आसंदी के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्य संचालन नियम के अनुसार गर्भगृह में पहुंचने वाले सदस्य स्वमेय निलंबित हो जाते हैं। इसी नियम के तहत सभापति ने गर्भगृह में पहुंचे विधायकों के निलंबन की घोषणा करते हुए सदस्यों को बाहर जाने का निर्देश दिया।
अफीम का कटोरा बनाने की साजिश
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि विषय बेहद गंभीर है। भाजपा की यह सरकार छत्तीसगढ़ को अफीम का कटोरा बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का विनायक ताम्रकर अफीम की खेती कर रहा था और सरकार उसे बचाने का षडयंत्र कर रही है।
बघेल बोले कमजोर एफआईआर
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि इस मामले में एफआईआर बेहद लचर तरीके से बनाई गई है, कमजोर एफआईआर के जरिये मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि मामला सामने आने के बाद भूपेश बघेल स्वयं अफीम की खेत में गए थे।
सभी फार्म हाउस की जांच कराने की मांग
मामले पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार को आगाह किया, कहा कि इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है, ऐसे में राज्यभर में स्थित फार्म हाउसों की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए।
डिप्टी सीएम ने कहा: की जा रही है कार्यवाही
कांग्रेस की तरफ से लाए गए स्थगन प्रस्ताव के उत्तर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्यवाही की गई है। अफीम जब्त किया गया और आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है।




