Afim ki Kheti रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का मामला उजगार होने के बाद सरकार हरकत में आ गई है। अब तक राज्य के दो जिलों में तीन स्थानों पर अफीम की खेती का खुलासा हो चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी कलेक्टरों को अफीम की खेती वाले संभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। कलेक्टरों को जारी निर्देश में 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है।
छत्तीसगढ़ में अब तक दो जिलों में अफीम की खेती का खुलासा हो चुका है। सबसे पहले दुर्ग जिला में मामला उजागर हुआ। वहां पुलिस ने एक भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती पकड़ी। इसके बाद बलरामपुर- रामानुजगंंAMPज जिला में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। वहां दो स्थानों पर अफीम की खेती का खुलासा हुआ है।
एक के बाद एक अफीम की खेती का मामला उजागर होने से राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। विधानसभा के सत्र के बीच सामने आए मुद्दे पर कांग्रेस ने सदन के अंदर सरकारAMP पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस की तरफ से भाजपा पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
बलरामपुर के त्रिपुरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में करीब पौने चार एकड़ में अफीम की खेती किए जाने का खुलासा 10 मार्च को हुआ था। प्रशासन ने वहां कार्यवाही करते हुए अफीम की फसल को जब्त कर लिया है।
बताया जा रहा है कि झारखंड के कुछ लोगों ने खेत को लीज पर ले रखा था और अफीम की खेती करा रहे थे। ग्रामीणों को भी पता था कि वहां अफीम की खेती की जा रही है।