Anand Marriage Registration रायपुर। आनंद विवाह पंजीयन नियम छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ विधि विधायी विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में आनंद विवाह पंजीयन नियम 29 जनवरी 2016 से लागू माना जाएगा।
केंद्र सरकार ने आनंद विवाह पंजीयन नियम 2016 में बनाया था। इसे देश के कई राज्यों में लागू किया जा चुका है। अब छत्तीसगढ़ में भी अधिसूचना जारी करके इसे लागू कर दिया गया है।
आनंद विवाह पंजीयन नियम Anand Marriage Registration सिख समुदाय के विवाहों को मान्यता देने और पंजीकृत करने के लिए बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आनंद कारज Anand Karaj (सिख विवाह) के पंजीकरण के लिए चार महीने के भीतर नियम अधिसूचित Notified करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने कहा कि जब कानून आनंद कारज Anand Karaj को विवाह के वैध प्रकार के रूप में मान्यता देता है, फिर भी इसे पंजीकृत करने के लिए कोई तंत्र प्रदान नहीं करता, तो यह वादा आधा ही पूरा होता है। अदालत ने आगे निर्देश दिया कि जहां अनुरोध किया जाए, प्राधिकारियों को विवाह प्रमाणपत्र में यह भी उल्लेख करना चाहिए कि विवाह सिख रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था।
– दोनों पक्षों की पहचान प्रमाण पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आदि)
– दोनों पक्षों की आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, आदि)
– दोनों पक्षों के निवास प्रमाण पत्र
– दो गवाहों की पहचान प्रमाण पत्र और आयु प्रमाण पत्र
– शपथ पत्र (नोटरी द्वारा प्रमाणित)
दोनों पक्षों को विवाह पंजीकरण कार्यालय में आवेदन करना होगा।
आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा।
विवाह पंजीकरण अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो विवाह पंजीकरण किया जाएगा।
विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा ।