Andolan रायपुर। मोदी की गारंटी लागू करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेतृत्व में प्रदेश के शासकीय सेवक सोमवार से हड़ताल पर हैं। बुधवार को हड़ताल का तीसरा और अंतिम दिन है। आज कुछ नए संगठन भी हड़ताल में शामिल होगें। इस बीच आंदोलन खत्म होने से पहले ही कर्मचारी संगठनों की तरफ से चेतावनी जारी कर दी गई है।
फेडरेशन के आंदोलन का पूरे छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज पर व्यापक असर हुआ है। कलम बंद-काम बंद हड़ताल के चलते इंद्रावती भवन सहित अनेक शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश स्कूलों में ताले लटके दिखाई दिए। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर प्रदर्शन में भाग लिया। वहीं, विश्वविद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारियों ने भी अवकाश लेकर आंदोलन का समर्थन किया।
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष, निगम, बोर्ड आदि कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने कलम बंद रखकर आंदोलन में भाग लिया। इससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नवा रायपुर स्थित शासकीय कार्यालयों तक पहुंचना भी कठिन हो गया। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा व संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में रायपुर में आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। वहीं, जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय के अध्यक्ष जयकुमार साहू व नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा की अगुवाई में कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम और मानपुर-मोहला में रैलियां निकाली गईं और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में भी कर्मचारियों ने अवकाश लेकर भागीदारी की। जगदलपुर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबिकापुर, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर व मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों में भी कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करने के लिए बाध्य होगा। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान कर्मचारियों व पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता, डीए एरियर्स को कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में समायोजित करना, कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान, विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना, शिक्षकों की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से मानकर समस्त सेवा लाभ देना तथा सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान देना आदि शामिल हैं। अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण, कैशलेस उपचार सुविधा, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, अर्जित अवकाश के नगदीकरण की सीमा 300 दिवस करना, दैनिक, अनियमित व संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण तथा सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
नगर निगम के कर्मचारी भी आज इस आंदोलन में शामिल होगें। आंदोलन के समर्थन में उन्होंने 29 और 30 दिसंबर को लगातार दो दिन कार्यालय में काली पट्टी लगाकर काम किया। आज सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेगें। इस दौरान निगम मुख्यालय से धरना स्थल तक सफेद शर्ट, काली पेंट ड्रेस कोड में रैली निकालकर भौतिक रूप से पूर्ण समर्थन देंगे। इसी के साथ निगम अधिकारी कमर्चारी एकता संघ आज दोपहर साढ़े 11 बजे महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप से मिलकर निगम का अगले 10 वर्षों के लिए बनाए जा रहे सेटअप में नगर निगम के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को समान अवसर देकर विभागीय पदोन्नति का वांछित लाभ शीघ्र देने ज्ञापन पत्र सौंपेंगे।