Arun Sao रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोशल मीडिया में भद्द पीट रही है। भूपेश बघेल माफी मांगों शनिवार को पूरे दिन सोशल मीडिया में ट्रेंड करता रहा। इस की-वर्ड के साथ दिनभर में हजारों पोस्ट किए गए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड राष्ट्रवादी संगठनों और भाजपा समर्थकों की पोस्ट की वजह से चल रहा है। इस की-वर्ड के साथ बहुत से लोग पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस को लेकर अपनी भड़ास भी सोशल मीडिया में निकला रहे हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध से जुड़ा है। बघेल ने 29 दिसंबर को डिप्टी सीएम अरुण साव को लेकर एक बयान दिया था। इसका प्रदेश साहू समाज भी विरोध कर रहा है। साहू समाज ने पूर्व मुख्यमंत्री के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
साहू समजा ने पूर्व मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम दे दिया है। समाज की तरफ से भूपेश बघेल को 10 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान बघेल अरुण साव को लेकर दिया अपना बयान वापस नहीं लेते हैं तो साहू समाज उनके खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन करेगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीड में 29 दिसंबर 2025 को एक बयान दिया जिस पर अब विवद खड़ा हो गया है।
भूपेश बघेल वहां बस्ती उजाड़ने को लेकर पिछले 37 दिन से चल रहे स्थानीय आंदोलन का समर्थन पहुंचे थे। इस दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि एक बार जंगल में ये मामला उठा कि शेर ही हमेशा राजा बनता है, इस बार शेर बदलना चाहिए।
तो देखे की सबसे ज्यादा सक्रिय बंदर है। जंगल के सभी जानवरों ने मिलकर बंदर को राजा बना दिया लेकिन एक बार बघवा हिरण के बच्चे को ले गया।
हिरण के बच्चे को बचाने के लिए बंदर इस पेड़ से उस पेड़ कूदने लगा। पूछने पर बंदर ने कहा कि बच्चा बचे या ना बचे मेरे प्रयास में कमी नहीं होना चाहिए। यहीं अरुण साव की स्थिति है।