Site icon Chatur Post

‘निंदा’ वाले विधानसभा के विशेष सत्र पर चढ़ सियासी पारा, बैज बताया फिजूलखर्ची, खर्च की BJP से वसूली करने की मांग

Badi khabar news

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में ‘निंदा’ के मुद्दे पर उबाल आ गया है। राज्य सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र (Special Session) बुलाने का फैसला किया है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी गई है, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।

अधिसूचना जारी, सियासी पारा हाई

सरकार ने 30 अप्रैल की तारीख तय करते हुए सत्र की तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, इस एक दिवसीय बैठक (One-day meeting) के एजेंडे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बैज का कहना है कि यह सत्र जनहित के लिए नहीं, बल्कि स्तरहीन राजनीति के लिए बुलाया गया है।

“जब सरकार के पास कोई नया विधेयक (Bill) या राज्य हित का मुद्दा नहीं है, तो सिर्फ विपक्ष को कोसने के लिए सत्र बुलाना लोकतंत्र का अपमान है।” – दीपक बैज

खबर के मुख्य बिंदु

खर्च की वसूली की मांग

दीपक बैज ने कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि इस विशेष सत्र में होने वाले फिजूलखर्च की पूरी भरपाई भाजपा से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे संवेदनशील विषयों पर भाजपा केवल झूठ और भ्रम (Confusion) फैलाने का काम कर रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह 30 अप्रैल का सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। अधिसूचना (Notification) जारी होने के बाद अब सबकी नजरें सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या सरकार वास्तव में जनहित का कोई मुद्दा लाएगी या यह सत्र केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगा।

Exit mobile version