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Bageshwar Dham छत्‍तीसगढ़ पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार, जानिए- कहां होगी कथा  

Bageshwar Dham

Bageshwar Dham  बिलासपुर। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री फिर एक बार छत्‍तीसगढ़ पहुंचे हैं। यहां उन्‍होंने राज्‍य में धर्मांतरण की घटनों पर चिंता जाहिर की है।

सोमवार को बिलासपुर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री    ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा धर्मांतरण का खतरा बस्तर में है। उन्‍होंने कहा कि इसे देखते हुए उन्‍होंने छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करने का फैसला किया।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री  ने  बताया कि वे जशपुर में एशिया की दूसरी सबसे बड़ी जो चर्च है उसके ठीक सामने कथा करने जा रहे हैं।

दिल्‍ली से वृदांवन तक पद यात्रा

बिलासपुर पहुंचेधीरेंद्र कृष्ण शास्त्री    के स्वागत जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि अद्भुत है. प्रभु श्रीराम का ननिहाल आकर प्रसन्नता हुई। छत्‍तीसगढ़ में धर्मांतरण की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी वे जल्द पदयात्रा करेंगे लेकिन उससे पहले 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा होगी।

Bageshwar Dham  सीएम-एचएम को साधुवाद

बागेश्‍वर धाम सरकार के नाम से चर्चित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री  ने कहा किमाओवादियों और नक्सलियों के खिलाफ बस्तर क्षेत्र में जो अभियान चला उसके लिए छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्‍यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को साधुवाद।

नक्सलियों से भी आग्रह है किभारत को भारत रहने दें। उन्होंने नक्‍सलियों सेमूलधारा में लौटने की अपील की और कहा कि भारत की परंपरा के साथ कदम मिलाकर चलें, ताकि विदेशी ताकतों से लड़ सकें। भारत को अखंड बनाया जा सके।

Bageshwar Dham  हिन्‍दू राष्‍ट्र बनाने का संकल्‍प

बता दें कि बागेश्‍वर धाम के पीठाधीश्‍वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत को हिन्‍दू राष्‍ट्र बनाने का संकल्‍प लिया है। इसके लिए वे लगातार पद यात्राएं कर रहे हैं। कुछ समय पहले भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री छत्‍तीसगढ़ आए थे।

तब उन्‍होंने कवर्धा में बागेश्‍वर मंदिर का भूमिपूजन किया था। मंदिन का निर्माण शुरू हो चुका है। वे कांकेर के दौरे पर भी गए थे।

बता दें कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री की छत्‍तीसगढ़ में सबसे पहले रायपुर के गुढियारी में कथा हुई थी। तब उनके चमत्‍कारों को लेकर काफी विवाद हुआ था, जो लंबे समय तक मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा।

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