राज्य

Balod शादी के वादे पर आरक्षक ने सौंप दिया तन, मन, धन, पढ़ाई का खर्च भी उठाया…डिप्टी कलेक्टर बनते ही मुकर गया

Balod  बलोद। हाल ही में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई ऐसे खबरें आईं जिसमें पति ने पत्नी को पढ़ा लिखाकर अफसर बनाया और नौकरी मिलते ही पत्नी ने पति को छोड़ दिया। छत्तीसगढ़ में भी एक ऐसा ही केस सामने आया है, लेकिन यहां कहानी थोड़ी अलग है। यहां शादी के वादे पर महिला आरक्षक ने युवक की पढ़ाई का खर्च उठाया, इस दौरान वह तीन बार गर्भवती भी हुई, लेकिन डिप्टी कलेक्टर बनते ही युवक शादी के वादे से मुकर गया।

मामला बालोद जिला में इसी साल जून में सामने आया। तीसरी बार जबरन गर्भपात कराने के बाद आरोपी डिप्टी कलेक्टर शादी के वादे से भी मुकर गया। इससे नाराज महिला आरक्षक ने डौंडी थाना में एफआईआर दर्ज करा दी है।

डिप्टी कलेक्टर को नहीं मिली जमानत

महिला आरक्षक को झांसा देकर उनके साथ लगातार दुष्कर्म करने और तीन बार गर्भपात कराने क आरोपी डिप्टी कलेक्टर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे डिप्टी कलेक्टर को कोर्ट की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी।

Balod  केस दर्ज होने के बाद से फरार हैं डिप्टी कलेक्टर

महिला आरक्षक से दुष्कर्म के आरोपी डिप्टी कलेक्टर का नाम दिलीप कुमार उइके है। उइके खिलाफ डौंडी थाना में एक महिला आरक्षक से शारीरिक और आर्थिक शोषण के आरोप में केस दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से उइके फरार हैं।

2017 में हुआ परिचय और अफेयर

डिप्टी कलेक्टर और उस पर आरोपी लगाने वाली छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की आरक्षक दोनों डौंडी क्षेत्र के रहने वाले हैं। महिला आरक्षक के अनुसार 2017 में दोनों आईटीआई कर रहे थे तभी उनका परिचय और अफेयर हुआ।

आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप ने शादी का वादा किया। दोनों एक ही जाति के थे, ऐसे में आरक्षक भी मान गई। इसके बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बना। उसी साल पहली बार वह गर्भवती हो गई। पहली बार दिलीप ने कॅरियर का हवाला देकर गर्भपात करा दिया। इसके बाद दो बार और गर्भपात कराया।

दिलीप की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया

युवती की 2017 में ही पुलिस में नौकरी लग गई। वहीं, दिलीप आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग सांइस कॉलेज में एडमिशन करा लिया। महिला आरक्षक का आरोप है कि दिलीप की पढ़ाई और कोचिंग के लिए वह हर महीने उसे चार से पांच हजार रुपए देती थी। यह पैसा दिलीप के बैंक खाते में ट्रांसफर होता था।

Balod  2020 में पीएससी से हुआ चयन

पीडि़ता ने पुलिस को दिए आने बयान में बताया कि 2020 में दिलीप ने सीजी पीएससी की परीक्षा दी और उसका डिप्टी कलेक्टर के रुप में चयन हो गया। बीजापुर में उसकी पोस्टिंग हुई।  इसके बाद 2024 में दोनों अंडमान घुमने गए, जहां दो से छह दिसंबर तक रहे। इस दौरान दोनों के बीच कई बार संबंध बना। इससे वह फिर से गर्भवती हो गई। महिला आरक्षक ने जब इसकी जानकारी दिलीप को दी तो उसने बीजापुर बलाकर फिर से जबरन गर्भपात करा दिया।

15 मई को कराया गर्भपात

पीडि़ता के अनुसार 15 मई 2025 में दिलीप ने तीसरी बार उसका जबरन गर्भपात करा दिया। इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया। 2 जून को बात हुई तो वह शादी से मुकर गया। इसके बाद महिला आरक्षक ने पुलिस में शिकायत की। 

Back to top button