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Balod जंबूरी पर सदन में हंगामा: मंत्री ने माना- टेंडर किया गया था डिग्रेड, विपक्ष ने पूछा कौन है अध्‍यक्ष, भ्रष्‍टाचार का आरोप, वाक आउट  

Balod रायपुर। बालोद में हुए भारत स्‍काउट गाइड जंबूरी के आयोजन को लेकर बुधवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। मंत्री गजेंद्र यादव ने स्‍वीकार किया कि आयोजन का टेंडर डिग्रेड किया गया था। विधानसभा की समिति से जांच की मांग को लेकर विपक्षी सदस्‍यों ने नारेबाजी की और सदन से वाक आउट कर दिया।

मंत्री ने माना टेंडर किया गया निरस्‍त

जंबूरी को लेकर कांग्रेस के उमेश पटेल ने सवाल किया था। इसके उत्‍तर में मंत्री गजेंद्र यादव ने स्‍वीकार किया कि आयोजन के लिए पहली बार 10 दिसंबर 2025 को टेंडर जारी किया गया था। बाद में इसे निरस्‍त कर दिया गया और 23 दिसंबर 2025 को फिर से टेंडर जारी किया गया।

मंत्री ने माना टेंडर की शर्तों में किया गया बदलाव

मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन में स्‍वीकार किया दूसरी बार टेंडर जारी करने से पहले टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया। उन्‍होंने बताया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव स्‍थानीय लोगों की मांग पर किया गया था। उन्‍होंने बताया कि पहले टेंडर की शर्तें बहुत सख्‍त थी, इसकी वजह से स्‍थानीय लोग शामिल नहीं हो पा रहे थे।  

अपर कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में बनी थी क‍मेटी

मंत्री ने सदन में बताया कि आयोजन के लिए बालोद कलेक्‍टर ने अपर कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में कमेटी का गठन किया था। इसी के जरिये आयोजन की तैयारी की गई। उन्‍होंने यह भी बताया कि टेंडर की प्रक्रिया जैम पोर्टल के जरिय किया गया, ऐसे में भ्रष्‍टाचार का सवाल ही नहीं उठता।

विपक्ष ने पूछा अध्‍यक्ष कौन

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि छत्‍तीसगढ़ स्‍काउट गाइड का अभी अध्‍यक्ष कौन है, क्‍योंकि एक सांसद महोदय भी खुद को अध्‍यक्ष बता रहे हैं।

मंत्री ने कहा- मैं ही हूं अध्‍यक्ष

मंत्री ने बताया कि नियमानुसार राज्‍य के स्‍कूल शिक्षा मंत्री स्‍काउट गाइड के पदेन अध्‍यक्ष हैं। उन्‍होंने बताया कि मुख्‍यमंत्री इसके संरक्षक हैं और अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष की नियुक्ति का अधिकार उन्‍हीं के पास है।

उमेश ने की विधानसभा की समिति से जांच की मांग

मंत्री ने स्‍वीकार किया कि टेंडर की शर्तों में बदला किया गया, इस पर उमेश पटेल ने कहा कि टेंडर डिग्रेड किया गया और खुलने से पहले ही वहां काम हो गया था, ऐसे में वहां भ्रष्‍टाचार हुआ है, इसलिए विधायकों की समिति से जांच करानी चाहिए।

पहले कैसे हुआ काम, इस पर भी मंत्री ने दिया जवाब

मंत्री ने वहां टेंडर खुलने से पहले काम होने पर भी स्थिति स्‍पष्‍ट की। बताया कि वहां हमारा काम एरिना और डोम के साथ भोजन की व्‍यवस्‍था करना था।  बाकी काम नेशनल हेड क्‍वार्टर ने किया। मंत्री ने बताया कि वहां 4 दिसंबर से सर्विस कैंप शुरू हुआ। उनके लोगों के द्वारा किया गया।

भूपेश बघेल ने कहा- मामला कोर्ट में चल रहा है

भूपेश बघेल ने कहा कि अध्‍यक्ष की लड़ाई अभी कोर्ट में चल रहा है। टेंडर दो बार हुआ, डिग्रेड किया गया, टेंडर दिया गया उसको कैसे मामलू कि उसको मिलेगा, पहले से काम कर  लिया।

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सुकमा में वैसी हुआ महिला एवं बाल विकास विभाग में भी ऐसा हुआ। यह प्रवृत्ति बन गई है। इस पर रोक लगाना चाहिए।  बिना टेंडर क्‍या सदन की समिति से जांच कराने की मांग

राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने कर दिया था स्‍पष्‍ट

मंत्री ने कहा कि अध्‍यक्ष पद पर कोई विवाद नहीं था  राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने सार्वनिक रुप से स्‍पष्‍ट कर दिया है। मंत्री ने कहा कि टेंडर खुलने से पहले काम शुरू नहीं हुआ था। वहां कोई भ्रष्‍टाचार हुआ ही नहीं है तो जांच की जरुरत ही नहीं है।

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