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Bharat Band कल भारत बंद: 10 से ज्‍यादा कर्मचारी संगठनों का आह्वान, छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस ने समर्थन में जारी किया पत्र  

Bharat Band रायपुर। देश के 10 कर्मचारी संगठनों ने 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। कर्मचारी संगठनों के साथ ही राजनीतिक पार्टियां भी बंद का समर्थन कर रही हैं। छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस ने भी बंद के समर्थन में पत्र जारी किया है।

बंद का कहां- कहां पड़ेगा असर

बंद के दौरान इंडस्ट्रियल, एग्रीकल्चर और कमर्शियल सेक्टर 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे।

राज्य सरकार के कर्मचारियों, टीचर्स एसोसिएशन और बैंकिंग, इंश्योरेंस, डिफेंस, रेलवे, पोर्ट्स, और नेवी की यूनियनों ने विरोध में शामिल होने का फैसला किया है। इसलिए, सरकारी ऑफिस, स्कूल और बैंक के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है।

स्ट्रीट वेंडर, प्रेस कर्मचारी, स्कीम वर्कर, हेडलोड वर्कर और गिग वर्कर भी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे ये सेवाएं कुछ समय के लिए बंद रहेंगी।

सभी सेक्टर के वर्कर हड़ताल में शामिल होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रुकावट आने की उम्मीद है। BJP-समर्थित संगठन बंद में शामिल नहीं होगा।

ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि हड़ताल का असर IT सेक्टर, छोटे उद्योगों, प्राइवेट सेक्टर, बागानों, बिजली सेवाओं और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों पर पड़ेगा।

हड़ताल से इन सेवाओं को रखा गया है मुक्‍त

हड़ताल के दौरान अस्पताल और दवा  समेत मेडिकल सेवाएं हमेशा की तरह चलती रहेंगी।

फायर और रेस्क्यू सर्विस और एम्बुलेंस को हड़ताल से छूट दी गई है, जिससे 24 घंटे के बंद के दौरान इमरजेंसी में मदद करने वाले लोग मौजूद रहेंगे।

दूध सप्लाई और अखबार जैसी जरुरी सेवाओं को भी हड़ताल से छूट दी गई है और वे गुरुवार को पहले की तरह काम करेंगी।

संयुक्‍त ट्रेड यूनियनों ने घोषणा की है कि सबरीमाला तीर्थयात्रियों और मैरामन कन्वेंशन को आंदोलन से छूट दी गई है। इसलिए, पठानमथिट्टा जिले में कोझेनचेरी और थोट्टापुझासेरी पंचायतों पर हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा।

हड़ताल किसने बुलाई है?

यह विरोध 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और सेक्टर फेडरेशनों के एक जॉइंट स्टेटमेंट के ज़रिए बुलाया गया था, जिसे संयुक्त किसान मोर्चा, खेतिहर मज़दूर संगठनों, CPM, CPI और कई दूसरी पॉलिटिकल पार्टियों का सपोर्ट मिला। इसमें INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं।

हड़ताल क्यों?

सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने नवंबर 2025 में लागू किए गए लेबर कोड्स के विरोध में 12 फरवरी को आम हड़ताल का आह्वान किया है। ट्रेड यूनियनों ने इसे केंद्र द्वारा लोगों के अधिकारों और हकों पर कई तरह से हमला बताया है।

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