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Bhoramdev Corridor वाराणसी के काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित होगा छत्‍तीसगढ़ का खजूराहो, 146 करोड़ होगा खर्च

Bhoramdev Corridor  रायपुर। वाराणसी के काशी विश्वनाथ की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को कॉरिडोर का भूमिपूजन करते हुए कही।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर शुरुआत नए वर्ष की नहीं हो सकती थी और इस परियोजना Project के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister विष्‍णुदेव साय ने नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नए वर्ष की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कार्य से होना छत्तीसगढ़ Chhattisgarh के लिए सौभाग्य की बात है। Vishnu deo Sai ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना राज्य की प्राचीन धरोहर Ancient heritage को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। कबीरधाम जिले के इस भोरमदेव धाम में महादेव शिव की आराधना, अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य Unparalleled natural beauty और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है।

सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक

भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए Chief Minister ने कहा कि हरे-भरे वनांचल के बीच स्थित इस मंदिर को  ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो Khajuraho of Chhattisgarh कहा जाता है। यह केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य कला Architecture और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। यहां भगवान शिव की पूजा भोरमदेव Bhoramdev के रूप में की जाती है, जहाँ शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपराएं Tribal traditions एक साथ मिलकर भारतीय संस्कृति Indian culture की विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

प्रधानमंत्री के संकल्पों को धरातल पर उतार रही है विष्णु सरकार: शेखावत

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत Gajendra Singh Shekhawat ने सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम Kabirdham जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने Prime Minister नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ Developed Chhattisgarh की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद Naxalites प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद Naxalites की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल Chhattisgarh, बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।

पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव मंदिर का होगा विकास: शर्मा

Deputy Chief Minister विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu deo Sai द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चैत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव Bhoramdev Festival का आयोजन किया जाता है, पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन Swadesh Darshan योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री Shekhawat से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन  हमें स्वीकृति प्राप्त हो गयी थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भोरमदेव की तरह ही आस्था का केंद्र माने जाने वाले पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव Shri Budha Mahadev मंदिर का भी अब विकास किया जा रहा है।

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