
Bhupesh Baghel रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल को पार्टी ने एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। नई दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के बाद शनिवार को रायपुर लौटे पूर्व मुख्यमंत्री बेहद तीखे तेवर में नजर आए। वैसे भी भूपेश बघेल अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं।
बघेल को मिली नई जिम्मेदारी
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल को असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया है। यह आदेश पार्टी की तरफ से कुछ दिन पहले जी जारी किया गया था। बता दें कि प्रियंका वाड्रा असम चुनाव की प्रभारी हैं। गौरतलब है कि असम में पिछले बार हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी भूपेश बघेल वहां के पर्यवेक्षक बनाए गए थे, तब वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे।
भाजपा सरकार को बताया सबसे भ्रष्ट सरकर
नई दिल्ली से शनिवार को रायपुर लौटे भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान असम की भाजपा सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में पार्टी वहां भाजपा को कड़ी टक्कर देगी।
अब जाएंगे असम के दौरे पर
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असम चुनाव की तैयारी को लेकर बताया कि 20 जनवरी को गुवाहाटी में पार्टी की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस किया जाएगा। इसके बाद 21 से 28 जनवरी तक जोनल स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाएगा।
नई दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात
नई दिल्ली के दौरे को लेकर भूपेश बघेल ने बताया कि वहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासिचव केसी वेणु गोपाल से असम विधानसभा चुनाव समेत अन्य विषयों पर चर्चा हुई है।
परिवारवाद को लेकर भाजपा पर निशाना
राजनीति में परिवारवाद को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा में आंतरिक प्रजातंत्र नहीं, केवल तानाशाही है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष खडग़े जी मजदूर के पुत्र हैं। वे पहले ब्लॉक थे और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। भूपेश बघेल ने सवाल किया कि अभी जो भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने, वह किस प्रक्रिया के तहत बने हैं?
साय सरकार में संवेदनशीलता नहीं
बीजापुर में विस्थापितों के घर पर बुलडोजर चलने की घटना पर भूपेश बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार पर हमला बोला कहा कि जिनका घर तोड़ा गया है वे लोग नक्सलियों के डर से घर बार छोड़कर आए थे, उनके घर पर बुलडोजर चलाना अमानवीयता की पराकाष्ठा है। यह अतिक्रमण कर व्यवसाय नहीं कर रहे थे। सरकार उनका व्यवस्थापन कर सकती थी। इस सरकार में संवेदनशीलता नहीं है। यह अधिकारी राज है।



