
Bhupesh Baghel रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कथावाचक पंडि़त प्रदीप मिश्रा और पंडि़त धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधा है। उन्होंने दोनों कथावाचकों पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग भगवान के विषय में कम और टोटका ज्यादा बताते हैं। बघेल ने कहा कि इनकी वजह से कितने भक्तों की स्थिति बदली यह तो पता नहीं, लेकिन दोनों महाराज की हालत सुधर गई है। इस दौरान उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी जमकर निशाना साधा।
भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना
दुर्ग के शंकर नगर में सोमवार को अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा के संविधान पर्व और राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने हिंदुओं के खतरे में होने वाली बात पर भी निशाना साधा। कहा कि आज न अनुसूचित जाति खतरे में है, न जनजाति, न पिछड़ा वर्ग और यहां तक की अल्पसंख्यक भी खतरे में नहीं है। भाजपा केवल डर फैलाकर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब से सत्ता में आई है, तब से हिंदू खतरे में है का डर दिखाकर तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।
कभी भी खतरे में नहीं था हिंदू
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान भी हिंदू खतरे में नहीं था। देश आजाद हुआ, तब भी कोई खतरा नहीं था। मुगलों का शासन रहा, सुल्तानों का शासन रहा, मुसलमान सत्ता में रहे, लेकिन तब भी हिंदू को कोई खतरा नहीं था। उन्होंने कहा कि असल में जब से आरएसएस और भाजपा की सरकार बनी है, तब से हिंदू खतरे में है की बात की जा रही है। यही डर दिखाकर आज यह लोग शासन कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब ये खुद को हिंदू नहीं, बल्कि सनातनी कहने लगे हैं।
कथावाचकों पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने धर्म और अंधविश्वास को लेकर कहा कि प्रदेश में दो महाराज आ रहे हैं। एक प्रदीप महाराज और दूसरे धीरेंद्र शास्त्री महाराज। ये न तो भगवान शिव के बारे में बताते हैं और न ही हनुमान के बारे में, केवल टोटका और अंधविश्वास की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज जितना पढ़ा-लिखा होता जा रहा है, उतना ही अंधविश्वासी भी होता जा रहा है। आम लोग खुद इन कथावाचकों से ज्यादा जानते हैं कि शिव कौन हैं, हनुमान कौन हैं और पूजा कैसे की जाती है।
दोनों महाराजों की हालत सुधरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने दोनों कथावाचकों लेकर कहा कि जो उनकी कथा में जाते हैं इतना पैसा चढ़ाते हैं, इतना विधि विधान करते हैं, लेकिन उनकी स्थिति सुधरी है या नहीं पता नहीं है, लेकिन इन दोनों महाराज की हालत बहुत सुधर गई है। हमारे सभी महापुरुषों ने समाज से अंधविश्वास को दूर किया है। लेकिन आज लोग अंधविश्वास की ओर जा रहे हैं।




