राज्य

चुनाव याचिका पर भी चल रही सुनवाई

शराब घोटाला में नाम आने की चर्चा

Bhupesh रायपुर। पुत्र चैतन्‍य बघेल की गिरफ्तारी के बाद अब पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को अपनी भी गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। बघेल ने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। बघेल की याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

लगभग आधा दर्जन मामले

बता दें कि भूपेश बघेल के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की जांच चल रही है। करीब आधा दर्जन मामले में ईडी, ईओब्‍ल्‍यू-एसीबी और सीबीआई की जांच चल रही है। इन मामलों में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार अब जांच की आंच तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल तक भी पहुंचने लगी है।

पुत्र की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा खतरा

पूर्व सीएम बघेल के पुत्र चैतन्‍य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। पांच दिन की पूछताछ के बाद उन्‍हें कोर्ट के जरिये रिमांड पर जेल भेज दिया गया। चैतन्‍य अभी रायपुर केंद्रीय जेल में हैं। सोमवार को उनकी भी पेशी होनी है। सूत्रों के अनुसार चैतन्‍य की गिरफ्तारी के बाद भूपेश बघेल पर भी खतरा मंडराने लगा है।

Bhupesh  शराब घोटाला में नाम आने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम का नाम कथित शराब घोटाला में आने की चर्चा है। इसी मामले में चैतन्‍य को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि तत्‍कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा और सेवानिवृत्‍त आईएएस अनिल टुटेजा समेत कुछ अन्‍य लोग पहले की गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

एक साथ दो-दो एजेंसियां कर रही हैं जांच

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर शराब के साथ ही कोयला, डीएमएफ और कस्‍टम मिलिंग घोटाला हुआ है। इन मामलों की जांच ईडी के साथ ही राज्‍य सरकार की एजेंसी ईओडब्‍ल्‍यू- एसीबी भी कर रही है। वहीं, पीएससी भर्ती में हुए कथित घोटाला की जांच सीबीआई कर रही है।

महादेव सट्टा एप में भी लगे आरोप

बताते चले कि पूर्व सीएम का नाम चर्चित महादेव सट्टा मामले में भी आ चुका है। इस मामले में ईडी पूर्व सीएम के करीबी लोगों के यहां छापा मार चुकी है।

Bhupesh चुनाव याचिका पर भी चल रही सुनवाई

पूर्व सीएम के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका पर भी सुनवाई चल रही है। यह याचिका दुर्ग सांसद विजय बघेल ने दाखिल की है। बता दें कि विधानसभा 2023 के चुनाव में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ विजय बघेल भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े थे। भूपेश बघेल इस याचिका को खारिज कराने सुप्रीम कोर्ट तक गए थे, लेकिन उन्‍हें राहत नहीं मिली।   

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