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Big News खतरनाक है शहरों लगे ये पेड़-पौधे: सदन में उठी काटने की मांग, मंत्री बोले- शीघ्र कार्यवाही करेगें

Big News खतरनाक है शहरों लगे ये पेड़-पौधे: सदन में उठी काटने की मांग, मंत्री बोले- शीघ्र कार्यवाही करेगें

Big News रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के शहरों में शुद्ध हवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगाए गए कुछ पौधे मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद खतरनाक हैं। यह मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में उठा। इस पर सरकार की तरफ से उत्‍तर देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने एक प्रजाति के पौधे के खतरनाक होने की बात स्‍वीकार की। उन्‍होंने इस मामले में तकनीकी टीम बनाकर जांच करने की बात कही है।

विधानसभा में उठी इन पेड़ों को काटने की मांग

विधानसभा में जिन पेड़ों को मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक मानते हुए हटाने की मांग उठी उनमें छातिम जिसे सप्तपर्णी (Alstonia scholaris) शामिल है। इस प्रश्‍न के उत्‍तर में मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि छातिम के संबंध में कोई अध्‍ययन रिपोर्ट प्राप्‍त नहीं हुई है, लेकिन कोनोकार्पस को लेकर एक रिसर्च मिला है। रिसर्च के अनुसार इसकी वजह से सांस से संबंधित बीमारी होती है। इस पर रोक लगा रहे हैं।

छातिम का अध्‍ययन कराएगी सरकार

मंत्री ने कहा कि छातिम को अन्‍य राज्‍यों में बैन किए जाने का आदेश तो मिला है, लेकिन उसका कोई रिसर्च नहीं मिला है। इसके बावजूद वन विभाग और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के साथ समंजस्‍य करके भविष्‍य में लगाने पर प्रतिबंध लगा देगें। मंत्री ने कहा कि लगे हुए पेड़ों को हटाने के लिए अध्‍ययन किया जाएगा।

कई राज्‍यों ने कर दिया है बैन

छातिम को लेकर सुनील सोनी ने सवाल किया था, उन्‍होंने बताया कि मध्‍यप्रदेश,  केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और असम समेत कुछ और राज्‍यों ने छातिम पर रोक लगा दिया। मध्‍य प्रदेश सरकार ने छातिम पेड़ को हटाकर नीम और पीपल के पेड़ लगाने का आदेश जारी किया है। छातिम के कारण अस्‍थम, एनर्जी और सांस से संबंधित बीमारी हो रही है।

बघेल ने की सोनी की अध्‍यक्षता में कमेटी बनाने की मांग

भूपेश बघेल ने छातिम पेड़ के अध्‍ययन के लिए सुनील सोनी की अध्‍यक्षता में एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बेशर्म के पौधों के भी अध्‍ययन की मांग की। बताया कि बेशर्म भी लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर विपरीत असर डाल रहा है।

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