Bonus रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी विद्युत कंपनियों में काम करने वाले कर्मियों और अफसरों के लिए बोनस का आदेश जारी हो गया है। करीब 12 हजार रुपए बोनस मिलेगा।
छ.ग. स्टेट पॉवर कंपनीज के कार्मिकों के हितों एवं उनके लाभों में एकरूपता बनाए रखने के लिए बोनस संदाय अधिनियम 1965 के महत्वपूर्ण प्रावधानों के तारतम्य में निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किये जाते हैं:-
(1) बोनस का भुगतान :-
पिछले वित्तीय लेखा वर्ष के लिए अर्जित बोनस का भुगतान चालू वित्तीय/लेखा वर्ष में किया जाता है अर्थात कर्मी द्वारा वित्तीय/लेखा वर्ष 2024-25 में की गई सेवाके लिए अर्जित बोनस का भुगतान वित्तीय वर्ष 2025-26 में किया जाना है।
(2) बोनसके लिए पात्र :-
(i) ऐसे सभी नियमित, अस्थायी रूप से संविदा/कार्यभारित कार्मिक जिन्हें पावर कंपनीज़ द्वारा सीधे नियुक्त किया गया है तथा जिनकी पिछले वित्तीय / लेखा वर्ष 2024-25 में कुल अर्जित परिलब्धियां
(मूल वेतन+महंगाई भत्ता) रू. 21000 प्रतिमाह तक हो। (ii) ऐसे कार्मिक जो पिछले वित्तीय / लेखा वर्ष में 30 कार्य दिवस या उससे अधिकके लिए नियोजित रहें हों।
(iii) परिवीक्षा अवधि (Probation Period) में कार्यरत् कार्मिक भी पात्र होंगे।
(3) बोनसके लिए अपात्र:-
(i) जिनकी कुल अर्जित परिलब्धियां (मूल वेतन महंगाई भत्ता) रू. 21000 प्रतिमाह से अधिक हों।
(i) पिछले वित्तीय/लेखा वर्ष में किर्सी भी कारण से बर्खास्त किये गये कार्मिक।
(4) बोनस की दर व अधिकतम बोनस की सीमा :-
(i) न्यूनतम बोनस देयता कम से कम एक माह (30 दिन) का वेतन अर्थात् पिछले वित्तीय/लेखा वर्ष मे कुल अर्जित परिलब्धियां (मूल वेतन महंगाई भत्ता) का 8.33%
(ii) बोनस के आंकलनके लिए एक माह (30 दिन) के कुल अर्जित वेतन की अधिकतम सीमाः
ऐसे प्रकरणों में जहां विद्युत कर्मी की मासिक कुल परिलब्धियां (मूल वेतन महंगाई भत्ता) रू. 21000 तक हो, उन प्रकरणों में कुल मासिक परिलब्धि को रू. 7000 या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित रोजगार के लिए पिछले वित्तीय वर्षके लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन, जो भी अधिक हो, तक सीमित किया जायेगा।
(iii) अतः यदि कर्मी वर्ष भर नियोजित रहा हो तथा जिन्हें एक माह (30 दिन) का बोनस देना हो तो देय बोनस (1) एवं (ii) में से जो भी कम हो, देय होगा।
(iv) यदि कर्मी वित्तीय/लेखा वर्ष के दौरान कुछ माह की अवधि के लिए ही नियोजित रहता है, तो उसके नियोजन अवधि के अनुपात में बोनस/अनुग्रह राशि देय होगा।
बोनस / अनुग्रह राशि के भुगतान की गणना के संबंध में उदाहरण परिशिष्ट-एक में दर्शाया गया है।
(5) अधिसूचित रोजगार (Scheduled employment)के लिए शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन :-
श्रमायुक्त एवं सक्षम अधिकारी, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, छ.ग. शासन द्वारा 2025-26 के लिये शेड्युल रोजगारके लिए क्षेत्रवार निम्न वर्गों के श्रमिकोंके लिए अनुसूची ‘ग’ (schedule ‘G’) के तहत् घोषित न्यूनतम दरों के आधार पर निम्नानुसार औसत दर होगी :-
| श्रमिकों का वर्ग | मासिक वेतन प्रथम अर्धवार्षिकी (सभी जोन का औसत) (a) | मासिक वेतन द्वितीय अर्धवार्षिकी (सभी जोन का औसत) (b) | औसत मासिक वेतन (प्रथम एवं द्वितीय अर्धवार्षिकी का योग) (a+b) | औसत मासिक वेतन प्रतिमाह (रूपयें में) (a+b)/2 |
| अकुशल | 10640 | 10688 | 21328 | 10664 |
| अर्द्धकुशल | 11290 | 11338 | 22628 | 11314 |
| कुशल | 12070 | 12118 | 24188 | 12094 |
| उच्च कुशल | 12850 | 12898 | 25748 | 12874 |
| योग | 46946 |
सभी श्रमिक वर्गों का औसत मासिक वेतन 6. 46,946/4 11,736.50 (हजार के गुणांक में पूर्णाकित करने पर 12,000 रु)
इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2024-26 के लिये देय बोनस की राशि, कर्मियों को एक माह (30 दिन) के वेतन अर्थात कुल अर्जित परिलब्धियां (मूलवेतन+महंगाई भत्ता) का 8.33% की दर से, अधिकतम रूपये 12.000 (रूपये बारह हजार) की सीमा तक पूर्व वर्ष की भांति बोनस देय होगें।
(6) आऊटसोर्सिंग श्रमिकों को बोनस :-
पावर कंपनीज द्वारा ठेकेदार के माध्यम से आऊटसोर्सिंग में लिए गए श्रमिकों के नियोजन पर बोनस देने का दायित्व सीधे पावर कंपनीज़ का नहीं होगा, बल्कि संबंधित नियोजक का होगा।
(7) अनुग्रह राशि :-
पावर कंपनी के ऐसे कार्मिक जिनकी मासिक कुल अर्जित परिलब्धियां (मूल वेतन+महंगाई भत्ता) रू. 21,000 से अधिक है, उन्हें उत्तरोत्तर दक्षता की वृद्धि की अपेक्षा में प्रोत्साहन स्वरूप अनुग्रह राशि, बोनस की अधिकतम सीमा तक दिये जानेके लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा समय-समय पर उचित निर्णय लिया जावेगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल द्वारा निर्णय लिया गया है कि :-
(1) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के ऐसे कर्मियों (जिसमें नियमित, अस्थायी रूप से संविदा एवं कार्यभारित शामिल है) जिनकी मासिक कुल अर्जित परिलब्धियां (मूलवेतन+महंगाई भत्ता) वित्तीय/लेखा वर्ष 2024-25 में रूपये 21,000 तक है और यदि वे इस दौरान पूरे वर्षभर नियोजित रहे हो, तो ऐसे कर्मियों को एक माह (30 दिन) का अर्थात् उनके कुल अर्जित परिलब्धियां (मूलवेतन+महंगाई भत्ता) का 8.33% की दर से, अधिकतम सीमा रूपये 12,000 (रूपये बारह हजार) तक बोनस स्वीकृत किया जावें। यदि कर्मी वित्तीय/लेखा वर्ष के दौरान कुछ माह की अवधि के लिए ही नियोजित रहते है, तो उसके नियोजन अवधि के अनुपात में बोनस दिया जावेगा।
(1) छत्तीसगढ़ स्टेट कंपनीज के ऐसे कर्मियों (जिसमें नियमित, अस्थायी रूप से संविदा एवं कार्यभारित शामिल है) जिनकी मासिक कुल अर्जित परिलब्धियां (मूलवेतन+महंगाई भत्ता) वित्तीय / लेखा वर्ष 2024-25 में रूपये 21,000 (रूपये इक्कीस हजार) से अधिक है और यदि वे इस दौरान पूरे वर्षभर नियोजित रहे हो और जिन्हें बोनस की पात्रता नहीं है, तो ऐसे कर्मियों को उत्तरोत्तर दक्षता की वृद्धि की अपेक्षा में प्रोत्साहन स्वरूप एतद् द्वारा एकमुश्त अनुग्रह राशि रूपये 12,000 (रूपये बारह हजार) स्वीकृत किया जाये। यदि कर्मी वित्तीय/लेखा वर्ष के दौरान कुछ माह की अवधि के लिए ही नियोजित रहते है तो उसके नियोजन अवधि के अनुपात में अनुग्रह राशि राशि दिया जावेगा।