Budget रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज विधानसभा में विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट पेश करेगें। 2026-27 का यह बजट प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट हो सकता है, आंकड़ा पौने दो लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विजन 2047 को केंद्र में रखते हुए समाज के हर वर्ग और प्रदेश के हर क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने का प्रयास किया जा सकता है। नवगठित राजधानी विकास प्राधिकरण को बड़ा बजट मिलने के साथ ही राज्य में जल बोर्ड के गठन की घोषण की संभावना है।
2023 के विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर रही महतारी वंदन योजना का दायरा सरकार बढ़ा सकती है। इसके तहत नए आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा बजट में हो सकती है। वैसे भी करीब दो साल से इसकी मांग हो रही है।
बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के साथ बीपीएल लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए प्रावधान किया जा सकता है। खेल अधोसंरचना के विकास के लिए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाओं भी शामिल किया जा सकता है। नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह प्रतिमा लगाने की घोषणा बजट में हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किया जा सकता है। प्रधानमंत्री आवास समेत केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के रुप में बड़ी राशि का प्रावधान बजट में किया जा सकता है। इस बार के बजट का मुख्य फोकस दीर्घकालिक परिसंपत्ति निर्माण, शहरी गतिशीलता और खेल एवं शैक्षिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच पर होगा, साथ ही मौजूदा व्ययों के युक्तिकरण के माध्यम से राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने का प्रयास दिख सकता है।
वित्त मंत्री के रुप में ओपी चौधरी ने 2024 में अपना पहला बजट पेश किया था। वह बजट ज्ञान (जीवायएएन) (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित था। दूसरा बजट गति (जीएटीआई) (गुड गवर्नेस, एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल ग्रोथ) की थीम पर था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट ओपी चौधरी ने अपने हाथ लिखा था। यह पहला हस्त लिखित बजट था। हस्त लिखित बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री चौधरी संभवत: देश में पहले वित्त मंत्री हैं।