Budhri Tati रायपुर। वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों की संभावित सूची में छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती का नाम भी शामिल है। बुधरी ताती को राज्य सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ वीरानी पुस्कार से सम्मानित कर चुकी है। उन्हें यह पुरस्कार 2021 में दिया गया था।
बुधरी ताती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित ब स्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला की रहने वाली है। बुधरी ताती ने अपना पूरा जीवन महिलाओं और बच्चियों के साथ बुजुर्गों की सेवा में समर्पित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बुधरी ताती बीते करीब 40 साल से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। बुधरी ताती अपने प्रयासों से 551 महिलाओं को आत्म निर्भर बना चुकी हैं। इन महिलाओं को बुधरी ताती ने सिलाई, शिक्षा और नर्स बनाया है।
बुधरी ताती मूल रुप से दंतेवाड़ा गीदम ब्लॉक के हीरानार गांव की रहने वाली है। आदिवासी परिवार में जन्मीं बुधरी ताती का बचपन से ही झुकाव अध्यात्म की तरफ रहा। वे पांच साल की उम्र से ही गुमरगुंडा आश्रम से जुड़ीं। 1984 में दिव्य जीवन संघ गुमरगुंडा आश्रम से उन्होंने दीक्षा ली। इसके बाद आदिवासी क्षेत्र में महिलाओं के शिक्षाए स्वास्थ्य व पोषण के क्षेत्र में जागरुकता लाने का बीड़ा उठाया।
बुधरी ताती अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से जुड कर हीरानार में मां शंखनी महिला उत्थान केंद्र शुरू किया। इस केंद्र के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही 30 बच्चों की शिक्षा.दीक्षा का इंतजाम भी करती हैं। इसके अलावा वृद्धाश्रम का संचालन भी करती हैंए जिसमें बुजुर्गों को जीवन संध्या में सहारा मिलता है।