Burqa ban रायपुर। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने सराफा दुकानों में बुर्का समेत किसी भी तरह से चेहरा ढंक कर आने वालों के प्रवेश को बैन करने का निर्णय लिया है। यह फैसला एसोसिएशन की बैठक में लिया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन की बुधवार को एक आपातकालीन बैठक हुई। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है।
सराफा एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश के किसी भी सराफा दुकान में हेलमेट या बुर्का पहनकर या किसी भी तरह से चेहरा ढंक कर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एसोसिएशन के अनुसार यह निर्णय दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सराफा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया।
राज्य में महीनेभर में दो तीन ऐसी घटनाएं हुई है, जिसमें बुर्का या नकाब पहले लोगों ने लूट या चोरी की कोशिश की है। राजिम में सराफा दुकान 80 लाख रुपए की चोरी की घटना हुई है। इससे पहले दिसंबर में अंबिकापुर में बुर्का पहले महिलाओं ने चोरी की कोशिश की थी। दिसंबर में ही सुकमा में दो नकाबपोश लोगों ने सुकमा में 13 लाख की लूट को अंजाम दिया था।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, महासचिव प्रकाश गोलछा (रायपुर), हर्षवर्धन जैन (रायपुर), प्रदीप घोरपड़े (रायपुर), संजय कनुगा (रायपुर), उत्तम चंद भंडारी (दुर्ग), पवन अग्रवाल (रायगढ़), राजू दुग्गड़ (बस्तर) एवं राजेश सोनी (सरगुजा) शामिल रहे।
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी सराफा व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण, उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से अपनाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन व एसोसिएशन को देने का आग्रह किया।
एसोसिएशन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से भी मांग की है कि सराफा व्यापारियों को विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। एसोसिएशन ने नवापारा-राजिम लूटकांड में शामिल अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है।