Cabinet रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदे साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक होगी। यह इस वर्ष की अंतिम कैबिनेट बैठक होगी। कर्मचारियों के बड़े आंदोलन के बीच हो रही इस बैठक पर सबसे ज्यादा निगाहें राज्य शासकीय सेवकों की रहेगी। वहीं, तेंदूपत्ता समेत अन्य विषयों पर भी कैबिनेट में चर्चा होने की उम्मीद हैं।
छत्तीसगढ़ क शासकीय सेवक अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। तीन दिवसीय हड़ताल का आज तीसरा और अंतिम दिन है। ऐसे में कैबिनेट की बैठक पर राज्य के शासकीय सेवकों की भी नजर रहेगी। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकारी शासकीय सेवकों की कुछ मांगों के संबंध में आज निर्णय ले सकती है।
धान खरीदी केंद्रों के डाटा एंट्री आपरेटरों का आज होने वाली बैठक से काफी उम्मीदें हैं। बता दें कि प्रदेशभर के डाटा एंट्री ऑप्रेटरों ने इस वर्ष नवंबर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था। आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार ने दबाव बनाते हुए कई ऑपरेटरों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की। 21 नवंबर को आंदोलन समाप्त होने के बाद से डाटा एंट्री ऑपरेटर कार्यावाही का शून्य करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में ऑपेटरों का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे की अध्यक्षता में मंत्रियों व अन्य से मिल चुका है।
बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रायपुर में पुलिस कमिश्नरी पर भी सरकार निर्णय ले सकती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 15 अगस्त को रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू करने की घोषणा की थी। इसे नवंबर में लागू करने की तैयारी थी, लेकिन किसी कारणवश तब लागू नहीं हो पाया। सूत्रों के अनुसार आज इसका कैबिनेट में प्रस्ताव आ सकता है।
जमीन की गाइड लाइन दरों पर चर्चा
कैबिनेट की बैठक में जमीन की गाइड लाइन दरों का विषय भी आ सकता है। गाइड लाइन दरों को लेकर आई आपत्तियों के संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जा सकता है।