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Chhattisgarh High Court ने बदला जमानत का नियम! अब Bail Application में देनी होगी ये 6 जानकारियां, वरना अटकेगा मामला

Chaturpost News Desk | नवा रायपुर / बिलासपुर

Chhattisgarh High Court Bail Rules: छत्तीसगढ़ में अब कोर्ट से जमानत (Bail) लेना पहले जैसा नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं को लेकर बड़ा बदला किया है। हाईकोर्ट ने ‘High Court of Chhattisgarh Rules, 2007’ में बड़ा संशोधन (Amendment) कर दिया है।

इस नए बदलाव के बाद अब अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) और नियमित जमानत (Regular Bail) के लिए आवेदन करने वाले वकीलों और याचिकाकर्ताओं को एक तय फॉर्मेट में पूरी कुंडली सौंपनी होगी। अगर आप भी कानूनी मामलों से जुड़े हैं, तो इस नए नियम (New Rules) को बारीकी से समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ नया नियम: Articles 225 और 227 का हुआ इस्तेमाल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (Registrar General) रजनीश श्रीवास्तव की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना (Notification No. 9018/Rules/2026) के मुताबिक, यह नया नियम तुरंत प्रभावी (Immediate Effect) हो गया है। हाईकोर्ट ने भारत के संविधान (Constitution of India) के अनुच्छेद 225 और 227 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कदम उठाया है।

इस बड़े बदलाव का सीधा असर अब प्रदेश की निचली अदालतों से लेकर हाईकोर्ट तक में दाखिल होने वाली सभी जमानत याचिकाओं पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि पुराने फॉर्मेट से क्या हटाया गया है और नए नियम के तहत आपको कौन-कौन सी जानकारियां टेबुलर फॉर्म (Tabular Form) यानी तालिका में देनी होंगी।

पुराने फॉर्मेट से हटाई गईं ये चीजें (Deletions from Rule 120)

हाईकोर्ट के नियम 120 (Rule 120) के तहत पहले जो अग्रिम जमानत और नियमित जमानत का प्रारूप (Format) तय था, उसमें से कुछ बुनियादी लाइनों को हटा दिया गया है।

अब नए आवेदन में पुराने तरीके से लिखे जाने वाले निम्नलिखित शब्दों को डिलीट (Deleted) कर दिया गया है:

  • Case No. / B.A. No………
  • Crime No…….
  • Police Station…
  • Offence u/s…

इन साधारण पंक्तियों की जगह अब एक बेहद विस्तृत और पारदर्शी टेबल (Tabular Details) को शामिल किया गया है, ताकि कोर्ट के सामने केस की पूरी तस्वीर एक नजर में साफ हो सके।

नए Format में शामिल हुए ये 6 महत्वपूर्ण भाग (PART-A to PART-F)

अदालत में पारदर्शिता बढ़ाने और मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए हाईकोर्ट ने पूरे ब्यौरे को छह अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है। अब वकीलों को इन सभी कॉलम को सही-सही भरना होगा:

1. PART-A: केस का विवरण (Case Details)

इस पहले भाग में मामले से जुड़ी प्राथमिक जानकारियां मांगी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • FIR No & Date: प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की संख्या और दर्ज होने की तारीख।
  • Police Station, District & State: थाना, संबंधित जिला और राज्य का नाम।
  • Sections & Punishment Table: एक विशेष तालिका जिसमें लगाई गई धाराएं (Sections Invoked) और उनमें अधिकतम निर्धारित सजा (Maximum Punishment Prescribed) का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

2. PART- B: कस्टडी और प्रक्रियात्मक अनुपालन (Custody & Procedural Compliance)

अक्सर अदालतों में इस बात को लेकर बहस होती है कि आरोपी कितने समय से जेल में है। अब इसे पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए एक अलग टेबल जोड़ी गई है:

  • Date of Arrest: गिरफ्तारी की सटीक तारीख।
  • Total period of custody undergone: अब तक काटी गई कुल न्यायिक हिरासत या जेल की अवधि।

3. PART- C: ट्रायल की वर्तमान स्थिति (Status of Trial)

कोर्ट यह जानना चाहता है कि मामले की जांच या सुनवाई किस स्टेज पर पहुंची है। इसके लिए 3 मुख्य बिंदुओं वाली टेबल बनाई गई है:

  • Stage of proceedings: मामला अभी किस चरण में है? जैसे- जांच (Investigation), चार्जशीट (Chargesheet), संज्ञान (Cognizance), आरोपों का निर्धारण (Framing of charges), या मुकदमा (Trial)।
  • Total number of witnesses: चार्जशीट में दर्ज कुल गवाहों (Witnesses) की संख्या।
  • Examined witnesses: अब तक कितने अभियोजन गवाहों (Prosecution Witnesses) के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

4. PART-D: पुराना आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal Antecedents)

जमानत देते समय कोर्ट आरोपी के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को बेहद गंभीरता से देखता है। अब इसे छिपाना नामुमकिन होगा। इस टेबल में देना होगा:

  • एफआईआर नंबर और थाने का नाम (FIR No. & Police Station)।
  • कानून की धाराएं (Sections)।
  • वर्तमान स्टेटस (Status) – मामला लंबित (Pending) है, बरी (Acquitted) हो चुके हैं या दोषी (Convicted) ठहराए जा चुके हैं।

5. PART- E: पिछली जमानत याचिकाएं (Previous Bail Applications)

यदि आरोपी ने पहले भी जमानत के लिए आवेदन किया था, तो उसकी पूरी क्रोनोलॉजी देनी होगी:

  • Court: किस अदालत में आवेदन किया गया था।
  • Case No: उस मामले का केस नंबर क्या था।
  • Outcome: उस याचिका का क्या परिणाम (Outcome of case) रहा (मंजूर हुई या खारिज)।

6. PART- F: दंडात्मक या कड़े आदेश (Coercive Processes)

इस आखिरी भाग में कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि आरोपी कहीं कानून से भाग तो नहीं रहा था:

  • Non-Bailable Warrant (NBW): क्या आरोपी के खिलाफ कभी कोई गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था?
  • Proclaimed Offender: क्या आरोपी को कभी भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है?

क्यों पड़ा इस बड़े बदलाव की जरूरत? जानिए कानूनी विशेषज्ञों की राय

कानूनी मामलों के जानकारों (Legal Experts) का मानना है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (High Court of Chhattisgarh Rules) का यह कदम न्यायिक प्रणाली (Judicial System) में एक बड़ा सुधार है। अक्सर देखा जाता था कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट को आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास या ट्रायल की मौजूदा स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती थी। पुलिस और अभियोजन पक्ष (Prosecution) से रिपोर्ट मंगवाने में काफी समय बर्बाद होता था।

विशेषज्ञों का मत: “इस नए प्रारूप (New Bail Format) के लागू होने से अब धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर जमानत हासिल करने के मामलों पर पूरी तरह से रोक लगेगी। साथ ही, जजों के सामने केस का पूरा प्रोफाइल एकदम साफ रहेगा, जिससे वास्तविक हकदार को जल्द जमानत मिल सकेगी और अदालतों का कीमती समय बचेगा।”

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यह राजपत्र (Gazette Notification) शुक्रवार, 22 मई 2026 (ज्येष्ठ 1, शक 1948) को शासकीय मुद्रणालय रायपुर द्वारा आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया गया है। ऐसे में अब राज्य के सभी जिला न्यायालयों (District Courts) और हाईकोर्ट बिलासपुर में इसी नए प्रारूप के आधार पर जमानत की अर्जियां स्वीकार की जाएंगी। वकीलों को अब अपनी केस डायरी और ड्राफ्टिंग में इस नए प्रोफार्मा को तुरंत शामिल करना होगा।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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