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Census 2027 India: जनगणना ड्यूटी से इनकार करना शिक्षकों को पड़ा भारी, 10 कर्मचारियों पर दर्ज होगी FIR

badi khabar

नागपुर (महाराष्ट्र): राष्ट्रीय जनगणना 2026-27 के कार्यों में लापरवाही बरतना नागपुर के शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों को बहुत महंगा पड़ गया है। नागपुर महानगरपालिका ने एक सख्त कदम उठाते हुए (Strict Action) उन 10 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने जनगणना ड्यूटी करने से साफ इनकार कर दिया था।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, आगामी जनगणना कार्य (Census Work) के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को नियुक्ति आदेश दिए गए थे। However (हालांकि), इन 10 कर्मचारियों ने आदेशों को स्वीकार करने से मना कर दिया। इस अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करते हुए सतरंजीपुरा जोन के चार्ज ऑफिसर ने यशोधरा नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

कानूनी प्रावधान और नियम (Legal Framework)

जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य (Mandatory) है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कानून काम करते हैं:

देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ की खास बातें

भारत में होने वाली यह 16वीं जनगणना इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल (Digital Census) होगी। Furthermore (इसके अलावा), इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का शेड्यूल

Specifically (विशेष रूप से), मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में मकान सूचीकरण (House Listing) का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।

Conclusion: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी आदेशों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें पुलिसिया कार्रवाई और विभागीय जांच का सामना करना पड़ेगा।


नोट: यह खबर पाठकों की जानकारी और जागरूकता के लिए है। अधिकृत अपडेट के लिए सरकारी पोर्टल पर विजिट करें।

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