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CG ACB 35.64 लाख के लिए मांगी 1.80 लाख की रिश्वत: दो गिरफ्तार, रिश्वतखोर इंजीनियर भी गिरफ्तार

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CG ACB रायपुर। छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी के दो मामले में सामने आए हैं। एक मामले में पटवारी और ऑपरेटर पकड़ गया है। वहीं, दूसरे मामले में एक इंजीनियर को रिश्चत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

मुआवजा की राशि के लिए रिश्वत की मांग

एसीबी के अफसरों के अनुसार पटवारी और ऑपरेटर की गिरफ्तारी का मामला जांजगीर चांपा जिला का है। दोनों मुआवजा की राशि निकलवाने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे।

एनएच का मुआवजा

दरअसल, सक्ती जिला के ग्राम रायपुरा निवासी बुधराम ढीवर ने एसीबी के बिलासपुर कार्यालय में शिकायत की थी। बताया कि जांजगीर के कोसमंदा में उनकी और उनकी बहन की जमीन थी, जिसे नेशनल हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया था।

CG ACB लगभग 36 लाख मुआवाजा

बुधराम धीवर ने बताया कि अधिग्रहित जमीन के बदले 35 लाख 64 हजार 099 रुपए का मुआवजा मिला है। यह राशि अगस्त 2025 में उनके खाते में जमा किया गया था। इसी राशि को निकलवाने के लिए पटवारी बाबू बिहारी सिंह और आपरेटर राजकुमार देवांगन ने एक लाख 80 हजार रुपए की मांग की थी।

रंगे हाथ पकड़े गए दोनों आरोपी

एसीबी ने बुधराम की शिकायत का सत्यापान कराया जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद एसीबी की टीम ने गुरुवार को बुधराम को रिश्वत की रकम के साथ पटवारी के पास भेजा। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की रकम ली, घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया।

बिल पास करने के लिए इंजीनियर ने मांगी रिश्वत

इसी तरह एसीबी की टीम ने पीडब्ल्यूडी के एक सब इंजीनियर को 21 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इंजीनियर ने ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में घूस की मांग की थी।

CG ACB मनेंद्रगढ़ का मामला

रिश्वत लेते पकड़े गए पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर का नाम सीपी मिश्रा है। मिश्रा के खिलाफ ठेकेदार अंकित मिश्रा शिकायत की थी। बताया कि बिल पास करने के लिए इंजीनियर मिश्रा 30 हजार रुपए डिमांड मांगी थी, सौदेबाजी के बाद मामला 21 हजार में तय हो गया। बुधवार को एसीबी की टीम ने इंजीनियर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।

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