CG Budget रायपुर। 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ को राज्य बने 25 साल हो गए हैं। विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार राज्य की छठवीं सरकार है। राज्य में अब तक 25 बजट पेश किए जा चुके हैं। मंगलवार 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी राज्य का 26वां बजट पेश करेगें। ओपी चौधरी राज्य के पांचवें वित्त मंत्री हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य बना तब अजित जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। जोगी ने कोरिया विधायक रामचंद्र सिंहेदव को अपना वित्त मंत्री बनाया। सिंहदेव वित्त अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। बताया जाता है कि वित्त के मामले में मुख्यमंत्री की भी सिंहदेव के सामने नहीं चलती थी। कांग्रेस सरकार के खर्च नियंत्रित करने के लिए नई भर्ती आदि पर रोक लगाने के साथ ही कई कड़े फैसले लिए गए थे।
नवगठित छत्तीसगढ़ में 2003 में विधानसभा का पहला चुनाव हुआ। इसमें कांग्रेस हार गई और डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य में पहली भाजपा की सरकार बनी। डॉ. रमन सिंह की सरकार में अमर अग्रवाल वित्त मंत्री बनाए गए। इस तरह अमर अग्रवाल राज्य के दूसरे वित्त मंत्री बने।
अमर अग्रवाल केवल तीन साल तक ही वित्त मंत्री रह पाए। कुछ मतभेद के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। हालांकि कुछ समय बाद वे कैबिनेट में लौट आए, लेकिन फिर उन्हें वित्त विभाग नहीं दिया गया।
अमर अग्रवाल के वित्त विभाग छोड़ने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वित्त विभाग की कमान खुद संभाली। 2006 में बतौर वित्त मंत्री उन्होंने पहला बजट पेश किया। इसके बाद वे लगातार 2018 तक वित्त विभाग संभालते रहे।
डॉ. रमन सिंह ने 2006 से 2018 तक रिकार्ड 16 बार बजट पेश किया। जानकारों का कहना है कि देश में ऐसे बहुत कम वित्त मंत्री होगें जिन्हें लगातार 16 बार बजट पेश करने का मौका मिला होगा।
2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्त विभाग किसी दूसरे को देने की बजाय खुद ही संभाला। भूपेश बघेल ने 2019 में अपना पहला बजट पेश किया। वे 2023 तक लगातार पांच बार बजट पेश किए।
राज्य के मौजूदा वित्त मंत्री ओपी चौधरी मंगलवार को सदन में अपना तीसरा बजट पेश करेगें। इसके बाद मौजूदा सरकार को दो और बजट पेश करने का मौका मिलेगा। 2029 का बजट नई सरकार पेश करेगी।