रायपुर (Chaturpost.com): छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय सेवकों के भविष्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के समक्ष राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों की मांगों का एक विस्तृत प्रस्ताव (Proposal) पेश किया है।
प्रमुख मांगें: वेतन और भत्तों में बड़े बदलाव की उम्मीद
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव में कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई न्यायोचित (Justified) मांगें रखी गई हैं:
HRA और भत्तों पर भी नजर (Allowances)
इसके अतिरिक्त (Additionally), फेडरेशन ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई जैसे प्रमुख शहरों को ‘X’ श्रेणी में रखने की मांग की है ताकि यहां के कर्मचारियों को 40% तक गृह भाड़ा भत्ता (HRA) मिल सके। साथ ही, चिकित्सा भत्ता ₹3000 करने और जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए 20% जोखिम भत्ता देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पुरानी पेंशन और 5-डे वर्किंग
प्रस्ताव में न केवल वर्तमान वेतन, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों पर भी ध्यान दिया गया है। निश्चित रूप से (Certainly), पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और ग्रेच्युटी की सीमा को ₹30 लाख तक बढ़ाने की मांग कर्मचारियों के लिए संजीवनी साबित होगी। साथ ही, सभी विभागों में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने का सुझाव भी आयोग को दिया गया है।
Chatur (Conclusion):
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का यह कदम केंद्र के समान लाभ पाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। अब सबकी नजरें आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं (Recommendations) पर टिकी हैं।
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