CG First Twin Tube Tunnel रायपुर। रायपुर- विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा (Bharatmala Project) में राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग का निर्माण सिर्फ 12 महीनों में पूरा कर लिया है। इस सुरंग की लंबाई 2.79 किलोमीटर है।
यह ट्विन ट्यूब टनल Twin Tube Tunnel जब पूरी तरह तैयार होगी, तो रायपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा काफी तेज और सुगम हो जाएगी। टनल के पूरे होने से व्यापार और उद्योग को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क और मजबूत होगा। पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह टनल Tunnel समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ Chhattisgarh की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सड़क और परिवहन अधोसंरचना infrastructure का विकास प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है। इस परियोजना से राज्य में पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक जुड़ाव के नए अवसर खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी Nitin Gadkari और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India की टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi के विकसित भारत विजन के अनुरूप यह परियोजना आने वाली पीढिय़ों के लिए भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उल्लेखनीय है कि रायपुर से विशाखापट्टनम Visakhapatnam तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे Expressway का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है। यह रायपुर के पास अभनपुर से शुरू होकर आंध्र प्रदेश Andhra Pradesh के पास सब्बावरम पर खत्म होगा। कॉरिडोर corridor बनने से छत्तीसगढ़ सीधे ओडिशा Odisha से भी जुड़ पाएगा। PM मोदी ने जुलाई 2023 में इसका शिलान्यास किया था। इस एक्सप्रेस वे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे। यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावाराम Sabbavaram शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह Visakhapatnam Port पर समाप्त होगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है।
इस एक्सप्रेस वे पर 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाडिय़ां दौड़ सकेंगी। भारतमाला प्रोजेक्ट Bharatmala Project के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है। इसके निर्माण में जंगली जानवरों wild animals का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। जंगलों में हाईवे पर बाउंड्री वॉल boundary wall होगी। इस सिक्सलेन कॉरिडोर Six-lane corridor में जानवरों के लिए 27 अंडर-पास underpass बनाए जा रहे हैं। इन अंडरपास के जरिए एक छोर से दूसरे छोर तक जानवर आ-जा सकेंगे। यह साउंड-प्रूफ sound-proof भी होगा। साथ ही बंदरों को पार करने के लिए कैनोपी का निर्माण किया जाएगा।
रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी करीब 546 किलोमीटर है और इसे तय करने में 12 घंटे लगते हैं। कॉरिडोर corridor बन जाने के बाद दूरी घटकर 463 किलोमीटर हो जाएगी और समय सिर्फ 7 घंटे ही लगेगा। इसके अलावा ट्रैफिक Traffic से भी निजात मिलेगी। इस रोड पर सिर्फ कुछ जगहों से ही वाहनों की एंट्री हो सकेगी।