बड़ा फैसला: राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ शासकीय सेवक (सेवा संघ) नियम, 2025’ में महत्वपूर्ण संशोधन किया है.
- परिभाषा में बदलाव: अब ‘शासकीय सेवक’ का मतलब केवल वे व्यक्ति हैं जो भर्ती नियमों के तहत ‘नियमित स्थापना’ में नियुक्त हैं.
- नया नियम: कर्मचारी संघों (Service Associations) का सदस्य या पदाधिकारी अब केवल वही व्यक्ति बन सकता है, जो वर्तमान में नियमित सरकारी सेवा में कार्यरत हो.
- आचरण नियम का दायरा: केवल उन्हीं को शासकीय सेवक माना जाएगा जिन पर ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965’ लागू होता है.
- राज्यपाल की मुहर: यह अधिसूचना छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी की गई है.
नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारी संघों पर नियंत्रण और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा संवैधानिक बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ताज़ा गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब कर्मचारी संघों की कमान केवल ‘ऑन-ड्यूटी’ नियमित कर्मचारियों के हाथ में ही रहेगी।
रिटायर या बाहरी लोगों का दखल खत्म?
नियम 2 में किए गए संशोधन (खण्ड ‘ग’) के मुताबिक, किसी भी ‘शासकीय सेवक संघ’ के लिए यह अनिवार्य होगा कि उसके सदस्य या पदाधिकारी वर्तमान में नियमित शासकीय सेवा में सेवारत हों. इस नियम के लागू होने के बाद अब उन संगठनों पर सवाल उठेंगे जहां सेवानिवृत्त कर्मचारी या अन्य बाहरी व्यक्ति पदों पर काबिज हैं।
किसे माना जाएगा शासकीय सेवक?
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘शासकीय सेवक’ केवल वही है जिसकी नियुक्ति नियमित स्थापना (Regular Establishment) के भर्ती नियमों के तहत हुई है. इसके साथ ही उन पर सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का लागू होना अनिवार्य है. यह आदेश 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है और इसे सचिव अविनाश चम्पावत के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.
छत्तीसगढ़ शासकीय सेवक नियम संशोधन 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में किन नियमों में संशोधन किया है?
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ शासकीय सेवक (सेवा संघ) नियम, 2025’ के नियम 2 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं[cite: 12, 13].
नए नियम के तहत ‘शासकीय सेवक’ किसे माना जाएगा?
अब ‘शासकीय सेवक’ केवल वही व्यक्ति कहलाएगा जो भर्ती नियमों के अंतर्गत नियमित स्थापना में नियुक्त हो और जिस पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 लागू होता हो[cite: 17, 33].
कर्मचारी संघों (Service Associations) के पदाधिकारियों के लिए क्या नई शर्त जोड़ी गई है?
नियमों में खंड (ग) जोड़कर यह स्पष्ट किया गया है कि शासकीय सेवक संघ के सदस्य या पदाधिकारी केवल वही हो सकते हैं जो वर्तमान में नियमित शासकीय सेवा में कार्यरत (Presently Serving) हों[cite: 19, 35].
यह अधिसूचना कब और किसके द्वारा जारी की गई है?
यह अधिसूचना 15 अप्रैल 2026 को राज्यपाल के नाम से सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा नवा रायपुर से जारी की गई है[cite: 9, 11, 20].
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