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CG GST Breaking: फर्जी बिलिंग के खेल पर स्टेट GST का प्रहार, रायपुर में 4 ठिकानों पर अफसरों की दबिश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सुबह-सुबह स्टेट जीएसटी (State GST) की टीम ने बड़ी दबिश दी है। विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलिंग और भारी टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई से राजधानी के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में दबिश

मिली जानकारी के अनुसार, स्टेट जीएसटी की टीम गुरुवार सुबह राजधानी के भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स पहुंची। अधिकारियों ने एक ही कॉम्प्लेक्स में संचालित दो अलग-अलग संस्थानों की जांच शुरू की है। मुख्य रूप से लक्ष्मी कमर्शियल और एसआरएस ट्रेडर्स (SRS Traders) नामक फर्मों के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।

🔴 मुख्य अंश: GST की बड़ी कार्रवाई

  • कहां हुई कार्रवाई: भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स, रायपुर।
  • निशाने पर कौन: लक्ष्मी कमर्शियल और एसआरएस ट्रेडर्स (SRS Traders)।
  • जांच दल: स्टेट जीएसटी के 10 अधिकारियों की टीम 4 ठिकानों पर सक्रिय।
  • मुख्य आरोप: फर्जी बिलिंग (Fake Invoicing) और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी।
  • बरामदगी: संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डेटा/हार्ड डिस्क जब्त।

10 अफसरों की टीम, 4 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

जीएसटी विभाग के लगभग 10 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस पूरी कार्यवाही को अंजाम दे रही है। बताया जा रहा है कि टीम ने इन दोनों फर्मों से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ धावा बोला है। सुबह से शुरू हुई यह जांच अभी भी जारी है और परिसर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

फर्जी बिलिंग और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन फर्मों पर फर्जी इनवॉइस (Fake Billing) के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और टैक्स चोरी करने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में टीम को बड़ी संख्या में संदिग्ध बिल और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड मिले हैं। अधिकारियों ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा (Laptop/Hard Disks) जब्त किए हैं।

बड़े खुलासे की उम्मीद

शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। जीएसटी विभाग के अफसरों का कहना है कि वर्तमान में दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी के वास्तविक आंकड़े स्पष्ट हो पाएंगे। विभाग जल्द ही इस मामले में आधिकारिक खुलासा कर सकता है।

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