CG News रायपुर। Chhattisgarh छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की प्रांत स्तरीय कोर कमेटी Core Committee की बैठक में प्रदेश भर के शासकीय कर्मचारियों government employees और अधिकारियों के विरुद्ध हो रही अवैधानिक illegal व दमनात्मक कार्यवाही की प्रशासनिक प्रवृति की विरूद्ध सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव Censure motion पारित किया गया।
फेडरेशन ने मुख्य सचिव chief Secretary से तत्काल हस्तक्षेप Interference कर रायपुर raipur कलेक्टर की तरफ से धान खरीदी के नाम पर चार शासकीय सेवकों पर दर्ज कराई गई FIR एफआईआर को निरस्त (zero) करने की मांग की है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक Kamal Verma कमल वर्मा, बीपी शर्मा, राजेश चटर्जी, चंद्रशेखर तिवारी, पवन शर्मा, जीआरचंद्रा, Rohit Tiwari रोहित तिवारी, संजय ठाकुर, केदार जैन, Manish Mishra मनीष मिश्रा, पंकज पांडेय, Arun Tiwari अरुण तिवारी, सतीश मिश्रा और जय साहू की तरफ से जारी संयुक्त विज्ञप्ति में बताया गया कि धान खरीदी व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों पर लगातार मानसिक प्रताड़ना mental harassment और अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कृषि विभाग Agriculture Department के सचिव ने पहले ही धान खरीदी के दौरान अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ अनुचित कार्रवाई improper action न करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कर्मचारियों पर दमनात्मक oppressive कदम उठाए जा रहे हैं।
फेडरेशन ने कहा कि सरकार ने Dhan kharidi धान खरीदी में लगे गैर विभागीय कर्मचारियों में खरीदी प्रक्रिया का अनुभव नहीं होने से भय और असुरक्षा insecurity की स्थिति है। ऐसे मामले में एक कर्मचारी की गिरफ्तारी को फेडरेशन Federation ने प्रदेशभर के कर्मचारियों के लिए काला दिवस निरूपित किया है।
Federation फेडरेशन का आरोप है कि सरकार लगातार कर्मचारी संगठनों employee organizations के निर्णयों के खिलाफ जाकर मनमाने रवैया अपना रही है। कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना एक तरफा दंडात्मक कार्यवाही punitive action करना लोकतंत्र पर सीधा आघात है।
लोकतांत्रिक आंदोलन Democratic Movement को कुचलने के लिए कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी, निलंबन Suspension और बर्खास्तगी dismissal जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
जोकि असहनीय है। NHM कर्मचारियों से किए गए वादों का पालन न होना और Health स्वास्थ्य मंत्री के लिखित निर्देशों के बावजूद dismissal बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली न होना एक गंभीर चिंता का विषय है और असहिष्णुता intolerance का द्योतक है।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान Solution के लिए जल्द संवाद स्थापित किया जाए तथा मंत्रालय स्तरीय Ministry level अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई fair action के लिए सख्त निर्देश जारी की जाए।
फेडरेशन ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय सेवक अपने सेवा दायित्व Service obligations के निर्वहन के अधीन प्रत्येक विधि सम्मत lawful आदेश का पालन करने को तत्पर हैं। परंतु शासन को भी उनके उचित अधिकार, सुरक्षा और मान-सम्मान का ध्यान रखना होगा।
फेडरेशन का कहना है कि यदि सरकार ने दंडात्मक कार्यवाही को वापस नहीं लिया तो फेडरेशन प्रांतव्यापी हड़ताल करने पर बाध्य होगा।




