CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार धान खरीदी की तैयारी में जुटी है तो दूसरी इस व्यवस्था की अहम कड़ी सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में रैली निकाली। संघ के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा। संघ की तरफ से बताया गया कि यह आंदोलन का पहला चरण है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के इस आंदोलन में कंप्यूटर ऑपरेटर संघ भी शामिल है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि दो चरणों के आंदोलन के बाद भी यदि मांगें नहीं मानी गई तो तीन नवंबर से सहकारी समिति के कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले जाएंगे।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ का कहना है कि धान खरीदी में सबसे बड़ी भूमिका उनके कर्मचारियों की होती है। खरीदी केंद्रों में किसानों के पंजीयन से लेकर तौल, भुगतान और भंडारण तक, हर प्रक्रिया में समिति कर्मियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अगर वे हड़ताल पर चले गए, तो पूरी व्यवस्था ठप पड़ सकती है।
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। संघ एमएसपी पर धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 में धान खरीदी के बाद सम्पूर्ण सूखत को मान्य कर संबंधित राशि समितियों को देने की मांग।
आउट सोर्सिंग द्वारा कंप्यूटर आपरेटर नियोजन को विलोपित किया जाए, वर्षों से कार्य कर रहे धान खरीदी कंप्यूटर आपरेटरों का विभाग तय कर नियमितीकरण की मांग
सहकारी समितियों के कर्मचारियों को वेतन देने प्रति वर्ष सभी समितियों को तीन-तीन लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान राशि दी जाए। संविदा कर्मचारियों को सीधी भर्ती में प्राथमिकता देते हुए बोनस अंक अनिवार्य कर इसे जल्द लागू किया जाए।