
CG News रायपुर। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया, हॉस्पिटल बोर्ड छत्तीसगढ़ की रविवार रायपुर में आपात बैठक हुई। इसमें पांच से ज्यादा प्रस्ताव पारित किए गए। इसका ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री को श्याम बिहारी जायसवाल को सौंप कर उनसे त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
1. आयुष्मान योजना में भुगतान प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए मांग-
पिछले 2 साल से आयुष्मान भुगतान प्रणाली में निरंतर अंतराल में रुकावट आ रही है। दिसंबर 2023 का भुगतान 6 माह बाद जुलाई अगस्त 24 और उसके बाद का भुगतान जुलाई अगस्त 25 में हर 6 माह के अंतराल के बाद किया गया। भुगतान में रुकावट से छोटे अस्पतालों को स्टाफ, दवाइयों का खर्चा और डॉक्टर के वेतन भुगतान में निरंतर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिससे मरीज के इलाज में संशय और रुकावट आती है। कृपया प्रति माह पारदर्शी भुगतान प्रणाली विकसित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश देने की कृपा करें।
इसी प्रकार प्रदेश में जिला और आयुष्मान प्रकरण निवारण के लिए 2023-24 के बाद से लंबित है। जनवरी से मार्च 2025 के आयुष्मान मरीज का भुगतान पारदर्शिता के साथ नहीं किया गया है, अधिकांश अस्पतालों को भुगतान दिए बगैर, ऑडिट ऑब्जेक्शन नेशनल हेल्थ अथॉरिटी को भेजा गया है। भुगतान प्रक्रिया में इस प्रकार की अपारदर्शी कार्यवाही से अस्पताल संचालकों में संशय आना स्वाभाविक है। इन दोनों बिंदुओं पर सकारात्मक सुनवाई नहीं हो पाई है. कृपया प्रदेश में आयुष्मान योजना के क्रियाकलार्पा पर निरंतर संवाद स्थापित करने की कृपा हो।
2. आयुष्मान योजना में बढ़े हुए पैकज रेट को तुरंत लागू किए जाने की आवश्यकता है।
आयुष्मान योजना 2018 लागू होने के बाद 8 वर्षों में से अधिकांश स्पेशलिटी विभिन्न बीमारियों में पैकेज रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है. छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग द्वारा निर्देशित आयुष्मान योजना पैकेज 2022 भी लागू नहीं किया गया है. इसके लिए सक्षम अधिकारियों के पास कई बार निवेदन किया जा चुका है लेकिन पैकेज रिवीजन नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों से वापस लौटने की आशंका हर समय बनी रहती है। कृपया आयुष्मान पैकेज रेट में तर्क सम्मत बढ़ोतरी किए जाने हेतु एक मीटिंग तुरंत बुलाने की पहल करें।
3. बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा रेट रिवीजन में एकतरफा मनमानी
पूरे प्रदेश में शासकीय एवं निजी अस्पतालों के बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन के लिए शासन द्वारा नियुक्त एजेंसियों की रेट बढ़ोतरी में प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। पिछले 3 वर्षों से सक्षम अधिकारियों की मध्यस्थता में मीटिंग नहीं हुई है। शासकीय एवं निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन बिस्तरों की संख्या के आधार पर होता है लेकिन जिन बिस्तरों में मरीज भी नहीं होते हैं उनका खर्च भी सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को देना पड़ता है। कृपया बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन में मरीज की बिस्तर में भर्ती के अनुसार या वजन के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट भुगतान के लिए निर्देश देने का कष्ट करें।
4. सभी प्रकार के क्लीनिक, नर्सिंग होम अस्पतालों में लागू यूजर चार्ज
सभी प्रकार के क्लीनिक, नर्सिंग होम अस्पतालों में लागू यूजर चार्ज में युक्तिकरण, नगरी निकाय विभाग द्वारा 2014 से यूजर चार्ज प्रणाली लागू की गई है जो नगरी निकाय के अंतर्गत सभी प्रतिष्ठानों में लागू है। भारी विसंगति के चलते समान आकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल से तुलनात्मक कई गुना अधिक यूजर चार्ज सभी प्रकार के क्लीनिक अस्पताल और नर्सिंग होम को यूजर चार्ज देना पड़ रहा है। संपत्ति कर में मिलाकर वसूले जाने वाले यूजर चार्ज में नगर निगम रायपुर द्वारा संशोधित प्रस्ताव शासन एवं संबंधित विभाग को भेजे गए हैं, इसमें शासन को किसी भी प्रकार की वितीय हानी नहीं हो रही है। इस संबंध में माननीय उपमुख्यमंत्री एवं नगरी प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव से प्रतिनिधिमंडल मिल चुका है। सकारात्मक कार्रवाई अपेक्षित है कृपया इस हेतु पहल करें।
5. नर्सिंग होम एक्ट में अन्य सभी लाइसेंस प्रक्रियाओं का लंबित युक्तिकरणः
राज्य शासन द्वारा अगस्त 2024 में नर्सिंग होम एक्ट एवं लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। राजपत्र के अनुसार 50 बिस्तर से कम के नर्सिंग होम के लाइसेंस की प्रक्रिया में अन्य विभार्गों की प्रक्रिया को अलग कर दिया गया है। इसके सरलीकरण की प्रक्रिया नहीं हो पाई है। कृपया संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर इसे सभी जिलों में लागू करें। इससे नर्सिंग होम सेवाओं का विस्तार सुदूर अंचलों में हो सकेगा।



