CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन शासकीय सेवकों के मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारी में है। फेडरेशन ने आंदोलन की रुपरेखा तय कर ली है। आंदोलन की शुरुआत जुलाई के दूसरे सप्ताह से करने की योजना है। आंदोलन का पूरा कार्यक्रम एक दो दिनों में जारी किया जा सकता है।
फेडरेशन ने आंदोलन की जो कार्यक्रम तय किया है उसके अनुसार 16 जुलाई को प्रदर्शन करने के साथ ही सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापनों के जरिए सरकार को शासकीय सेवकों की मांगों से अवगत कराने के साथ ही उस पर विचार करने के लिए वक्त दिया जाएगा। इसके बाद 22 अगस्त को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल करने की भी योजना है।
फेडरेशन का आंदोलन कर्मचारी संगठनों की लंबित मांगों को लेकर हो सकता है। अन्य मुद्दों के साथ एक राज्य में अलग अलग महंगाई भत्ता भी शामिल हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य में कम कर रहे अखिल भारतीय सेवा और राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को मिलने वाले मंगाई भत्ता में अंतर है।
वहीं मोदी की गारंटी के तहत भाजपा की तरफ से विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे भी अभी पूरे नहीं हुए है। सरकार ने वादे के अनुसार अब तक एरियर्स का भुगतान नहीं किया है।
बता दें कि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन शासकीय सेवकों के मुद्दों को लेकर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला संगठन है। इसमें सौ से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठन शामिल है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा लगातार शासकीय सेवकों की आवाज बुलंद करते रहते हैं।
हाल ही में फेडरेशन की मांग पर सरकार ने कर्मचारी संगठनों के मान्यता के नियम में बड़ा बदलाव किया है। पहले कर्मचारी संगठनों को केवल एक साल के लिए मान्यता मिलती थी, यह व्यवस्था मध्य प्रदेश के समय से लागू थी। फेडरेशन की तरफ से मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। कर्मचारी संगठनों के मान्यता नियम में किए गए बदलाव की डिटेल में जानकारी के लिए यहां क्लिक करेंAMP