
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को कर्मचारियों और अधिकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर ब्लॉक से लेकर जिला तक कर्मचारियों ने भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में सरकार की वादा खिलाफ पर गुस्सा दिखा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार पूरा नहीं कर रही है। सरकार बने दो वर्ष से ज्यादा हो गया, लेकिन कर्मचारियों से किए गए ज्यादार वादें अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
इधर, नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सामने भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान DA एरियर्स, आधार आधारित अटेंडेंस व्यवस्था और संविदा नियुक्ति को ले कर गुस्सा दिखा।
इस दौरान जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को “मोदी की गारंटी” के तहत निम्नांकित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। खेद सहित लेख है कि, निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी काफी आक्रोशित हैं।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं संभाग प्रभारी एवं महासचिव चंद्रशेखर तिवारी के मार्गदर्शन में रायपुर एवं नवा रायपुर में आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। प्रांतीय प्रवक्ता पंकज पांडेय एवं राकेश शर्मा,जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय के अध्यक्ष जयकुमार साहू, प्रांतीय सचिव संजय सिंह एवं नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारा लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार में भी संबंधित जिला संयोजकों टेकराम सेन, चंदूलाल चंद्राकर, एम. आर. खान और एल. एस. ध्रुव के नेतृत्व में “अब नई सहिबो, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो” जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में सभी जिलों के कर्मचारियों और शिक्षकों ने प्रदर्शन कर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया।
इसी तरह दुर्ग संभाग में संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी के मार्गदर्शन में और जिला संयोजक विजय लहरे के नेतृत्व में आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम और मानपुर–मोहला में क्रमशः जिला संयोजक सतीश व्यौहारे, लोकेश साहू, अश्वनी बनर्जी, अर्जुन चंद्रवंशी और ओ. पी. माहला के नेतृत्व में रैलियां निकाली गईं और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।

बिलासपुर संभाग में संभाग प्रभारी जी. आर. चंद्रा, पवन शर्मा एवं रोहित तिवारी के मार्गदर्शन में तथा जिला संयोजक डॉ. बी. पी. सोनी के नेतृत्व में हुए आंदोलन में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। जांजगीर–चांपा, कोरबा, मुंगेली, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, रायगढ़ एवं सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिलों में भी जिला संयोजकों विश्वनाथ परिहार, जे. पी. खरे, जे. एस. ध्रुव, डॉ. संजय शर्मा, आशीष रंगारी एवं फकीरा यादव के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
बस्तर संभाग में संभाग प्रभारी कैलाश चौहान और टार्जन गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा जिला संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में जगदलपुर में जबरदस्त उत्साह के साथ आंदोलन हुआ। कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी जिला संयोजकों प्रमोद तिवारी, शिवराज सिंह ठाकुर, डॉ. दीपेश रावटे, के. डी. राय, अरविंद यादव और विनायक साहू के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया गया।
इसी प्रकार सरगुजा संभाग में संभाग प्रभारी ओंकार सिंह और नृपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अंबिकापुर के जिला संयोजक कमलेश सोनी के नेतृत्व में कर्मचारियों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिलों में भी संबंधित जिला संयोजकों डॉ. आर. एस. सिंह, डॉ. आर. एस. चांदे, डॉ. दीपेश रावटे, संतोष कुमार तांडे और डॉ विनीत भारद्वाज के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपे और नारे लगाए।
प्रमुख मांगे
1. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष जुलाई 2016 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
2. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।
3. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
4. प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5. प्रदेश के शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभदिया जाए।
6. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
8. प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
9. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
10. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये।
11. प्रदेश में आधार बेस्ड अटेंडेंस एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद किया जाए। विभागों में रिक्त पदों पर अतिशीघ्र भर्ती हेतु अनुमति दी जाए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 132 मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर चतुर्थ चरण आंदोलन के तहत 18 मार्च 2026 को जिला और विकासखंड स्तर पर भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जो कि 132 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है, आपसे अनुरोध करता है कि उपरोक्त मांगो के यथाशीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।
नवा रायपुर में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, सह संयोजक जय कुमार साहू और संयोजक संतोष कुमार वर्मा के हस्ताक्षर से ज्ञापन सौंपा गया है।







