CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को कर्मचारियों और अधिकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर ब्लॉक से लेकर जिला तक कर्मचारियों ने भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में सरकार की वादा खिलाफ पर गुस्सा दिखा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार पूरा नहीं कर रही है। सरकार बने दो वर्ष से ज्यादा हो गया, लेकिन कर्मचारियों से किए गए ज्यादार वादें अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
इधर, नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सामने भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान DA एरियर्स, आधार आधारित अटेंडेंस व्यवस्था और संविदा नियुक्ति को ले कर गुस्सा दिखा।
इस दौरान जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को “मोदी की गारंटी” के तहत निम्नांकित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। खेद सहित लेख है कि, निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी काफी आक्रोशित हैं।
1. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष जुलाई 2016 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
2. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।
3. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
4. प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5. प्रदेश के शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभदिया जाए।
6. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
8. प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
9. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
10. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये।
11. प्रदेश में आधार बेस्ड अटेंडेंस एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद किया जाए। विभागों में रिक्त पदों पर अतिशीघ्र भर्ती हेतु अनुमति दी जाए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 132 मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर चतुर्थ चरण आंदोलन के तहत 18 मार्च 2026 को जिला और विकासखंड स्तर पर भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जो कि 132 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है, आपसे अनुरोध करता है कि उपरोक्त मांगो के यथाशीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।
नवा रायपुर में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, सह संयोजक जय कुमार साहू और संयोजक संतोष कुमार वर्मा के हस्ताक्षर से ज्ञापन सौंपा गया है।