CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में मिड डे मिल बनाने वाले रसाईया करीब महीनेभर से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के रसोईया नवा रायपुर के तूता में धरना दे रहे हैं। इस बीच कथिततौर पर आंदोलन के दौरान ही दो लोगों की तबीयत खराब होने की वजह से मौत हो गई। हालांकि सरकार ने ऐसी खबरों को गलत बताया है। अब इस मामले में छत्तीसगढ़ कर्मचरी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा का बयान सामने आया है।
प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने दोनों दिवंगत को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। साथ ही सरकार से दिवंगतों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री से दोनों के परिजनों को पांच-पांच लाख की सहायता देने की मांग की है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने सरकार ने मांग की है कि रसोईया संघ की जो भी जायज मांग है और उनकी जो भी समस्या है उसके समाधान के लिए एक संवाद स्थापित करे। दिवंगतों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी जाए।
उन्होंने तूता स्थित आंदोलन स्थल की अव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कमल वर्मा ने बताया कि वह स्थान महिलाओं के लिए वहां कोई व्यवस्था नहीं है इसकी वजह से महिलाओं को वहां काफी समस्या होती है। कर्मचारियों को धरना स्थल तक आने जाने में भी परेशानी होती है।
प्रदेश के शासकीय कर्मचारी अधिकारी संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने सरकार ने धरना स्थल को फिर से रायपुर शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार धरना स्थल को रायपुर में किसी उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करे।