
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के स्थायी कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के समान संशोधित वेतन पैकेज की सुविधा देने की मांग की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से राज्य शासन के स्थायी कर्मचारियों को भी छत्तीसगढ़ पुलिस के समान संशोधित वेतन की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया है।
संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक सदैव राज्य शासन के कर्मचारियों के हित में कार्य करता आया है। इसी उद्देश्य से बैंक ने एक संशोधित वेतन पैकेज का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को दिया है। इस प्रस्ताव के अंतर्गत बैंक की तरफ से छत्तीसगढ़ शासन के कर्मचारियों को निम्नलिखित मुख्य बीमा/सुविधाएं नि:शुल्क प्रदान की जाएगी :-
| बीमा प्रकार/सुविधा | लाभ राशि |
| सभी प्रकार के दुर्घटना बीमा | 1.00 करोड़ |
| वायु दुर्घटना बीमा | 1.60 करोड़ |
| स्थायी पूर्ण विकलांगता | 1.00 करोड़ |
| स्थायी आंशिक विकलांगता | 80 लाख |
| ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस | 10 लाख |
| चार पूर्णत: आश्रितों के लिए बीमा | 20 लाख (5 लाख प्रति व्यक्ति अधिकतम) |
इसके अतिरिक्त, कई अन्य लाभ भी इस पैकेज के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका विस्तृत विवरण एसबीआई के द्वारा उपलब्ध कराया गया है। इस योजना के अंतर्गत न तो राज्य शासन और न ही कर्मचारी/अधिकारी से कोई वित्तीय योगदान लिया जाएगा। सभी व्यय भारतीय स्टेट बैंक द्वारा वहन किए जाएंगे।
CG News इस सुविधा के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन एवं भारतीय स्टेट बैंक के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाना आवश्यक है, जिसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:?
1. जीटीएलआई की प्रीमियम गणना कर्मचारियों की आयु, पदस्थापना एवं कार्य प्रकृति आदि के आधार पर की जाती है, जिसके लिए अधिकृत जानकारी की आवश्यकता होगी।
2. बैंक को कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा समाप्ति, सेवानिवृत्ति आदि की अद्यतन जानकारी समय-समय पर संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की जाएगी।
3. यह रूह्र देश के कई अन्य राज्यों (जैसे: झारखंड, आंध्रप्रदेश, नागालैंड, असम, तमिलनाडु आदि) में राज्य कर्मचारियों और पुलिस बल के साथ सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ राज्य के 4 लाख से अधिक स्थायी कर्मचारी और उनके परिवार इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे। यह सुविधा उनके जीवन स्तर, सुरक्षा एवं मनोबल को सशक्त बनाएगी। परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय देश के लिए एक स्वर्णिम मिसाल बनेगा।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस विषय में आवश्यक पहल कर भारतीय स्टेट बैंक के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर, शीघ्र एमओयू (रूह्र) निष्पादित करने हेतु वित्त विभाग को निर्देशित करने की कृपा करें।




