
PWD रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की गई है। भ्रष्टाचार के मामले में नाम आने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)ने विभागीय मंत्री और डिप्टी सीएम अरुण साव के निर्देश पर यह सख्त कार्यवाही की है।
इन्हें किया गया निलंबित
पीडब्ल्यूडी के जिन इंजीनियरों को निलंबित किया गया है उनमें हरनारायण पात्र, प्रमोद सिंह तंवर और संतोष दास शामिल हैं। पात्र विभाग के संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हैं। तंवर बीजापुर के ही उपसंभाग क्रमांक-1 एसडीओ और दास जगदलपुर में सेतु उपसंभाग एसडीओ के पद पर हैं।
इस वजह से किया गया निलंबित
अफसरों ने बताया कि बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण भ्रष्टाचार की शिकायत और प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। भ्रष्टाचार के इस मामले में निलंबित किए गए तीनों इंजीनियरों के शामिल होने के प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं। इसे देखते हुए डिप्टी सीएम ने इन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया है।
PWD निलंबित इंजीनियर रायपुर मुख्यालय अटैच
डिप्टी सीएम साव के अनुमोदन के बाद पीडब्ल्यूडी ने मंगवार को मंत्रालय से तीनों इंजीनियरों (एक ईई और दो एसडीओ) के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी कर दिया है। विभाग की तरफ से जारी निलंबन आदेश के अनुसार तीनों इंजीनियरों का मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है।
पीडब्ल्यूडी के 13 उप अभियंता सहायक अभियंता पदोन्नत
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के 13 उप अभियंताओं (सिविल) को सहायक अभियंता के रूप में पदोन्नत किया है। पदोन्नत अभियंताओं में तेनसिंह सूर्यवंशी, प्रमोद कुमार मेश्राम, जगदीश प्रसाद, कृष्ण कुमार रात्रे, तुलसी राम जोशी, नारद सिंह ध्रुव, रामभरोस भगत, राज्यशेखर मेश्राम, प्रदीप कुमार सिंह, टी.आर. साहू, रविंद्र कुमार नागरे, अरविंद कुमार गुप्ता और कमलेश शेण्डे शामिल हैं। इन सभी पदोन्नत अभियंताओं की नवीन पदस्थापना पृथक से की जाएगी।




