
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तरफ से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। प्रथम चरण में 16 जुलाई 2025 को जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। 22 अगस्त 2025 को फेडरेशन के नेतृत्वे में कलम बंद-काम बंद आंदोलन के तहत सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया गया। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा गया था।
सरकार की अनदेखी से कर्मचारियों में नाराजगी
प्रदेश संयोजक कमल वर्मा, प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी और जीआर चंद्रा ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि फेडरेशन की तरफ से “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग की जा रही है। इसके लिए आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी काफी आक्रोशित हैं।
मंत्रालय में सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ फेडेरेशन की हुई बैठक
उन्होंने आगे बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं वित्त विभाग के सचिव के साथ फेडेरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विगत दिनों बैठक हुई थी।जिसमें 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है।
जिला और ब्लॉक स्तर पर बैठकों का दौर जारी
फेडरेशन की प्रांतीय कोर कमेटी की 19 नवंबर 2025 को हुई बैठक में 29 से 31 दिसंबर तक (तीन दिवसीय) निश्चितकालीन आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।
संभाग स्तरीय बैठक में बनेगी अंतिम रणनीति
फेडरेशन से 29 से 31 दिसंब तक घोषित हड़ताल को सफल बनाने के लिए संभाग स्तवरीय बैठकों का कार्यकम जारी कर दिया है।
Durg संभाग – 13 दिसंबर,स्थान – दुर्ग
Bilaspur संभाग – 18 दिसंबर,स्थान – बिलासपुर
Sarguja संभाग – 19 दिसंबर स्थान – सूरजपुर
Raipur संभाग – 20 दिसंबर स्थान – रायपुर
Bastar संभाग – 21 दिसंबर स्थान – दंतेवाड़ा
इन बैठकों में फेडरेशन से संबद्ध सभी प्रांत अध्यक्ष/महामंत्री,संभाग के समस्त पदाधिकारीगण, जिला संयोजक/महासचिव शामिल होंगे।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
1 केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों और पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
2 DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के त्रक्कस्न खाते में समायोजित की जाए।
3 सभी शासकीय सेवकों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
4 लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5 प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6 सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
7 अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 % Ceiling सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
8 प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
9 अर्जित अवकाश नगदीकरण Leave encashment 300 दिवस की जाए।
10 दैनिक, अनियमित irregular, संविदा कर्मचारियों को नियमित Regular करने की ठोस नीति बने।
11 सभी विभागों में समानता लाते हुए retired सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।







