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CG News नियमों की गलत व्याख्या से ST-SC वर्ग के शासकीय सेवकों की रुकी वेतन वृद्धि: चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के प्रयास से…

CG News नियमों की गलत व्याख्या से ST-SC वर्ग के शासकीय सेवकों की रुकी वेतन वृद्धि: चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के प्रयास से...

CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में एससी-एसटी वर्ग के शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि करीब साल पहले रोक दी गई। इसको लेकर छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ लगातार सक्रिय है।

छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री योगेश चौरे ने बताया कि  04 नवंबर 2016 के आदेश/अभिलेख की गलत व्याख्या के कारण अनुसूचित जाति और जनजाति विकास विभाग के हजारों कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है  जिसे बहाल करने के लिए संघ की तरफ तरफ से लगातार प्रयास किया जा रहा है।

महामंत्री योगेश चौरे ने बताया कि इस संबंध 13 अक्टूबर 2025 को विधि विभाग को 56 पृष्ठों  का ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद विधि विभाग ने 05 दिसंबर 2025 को उक्त प्रकरण को आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुसूचित जनजाति विभाग को प्रेषित किया गया।अनुसूचित जनजाति सचिव ने 10 दिसंबर 2025 को यह प्रकरण आयुक्त को परीक्षण और आवश्यक अभिमत भेजा था।

संघ ने मांगी फाइल मूवमेंट की जानकारी

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा 15 जनवरी 2026 को संघ पत्र क्रमांक 207 जारी कर संबंधित प्रकरण की फाइल मूवमेंट की अधिकतम एवं अद्यतन जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

इस पर अवर सचिव स्तर से दूरभाष पर लगभग 10 मिनट की चर्चा हुई, जो हमारे प्रतिनिधि सुरेश ढीढी के माध्यम से प्रांतीय महामंत्री से कराई गई। चर्चा में यह जानकारी दी गई कि प्रकरण शासन की सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत परीक्षणाधीन है एवं संबंधित फाइल विभाग में प्रचलन में है। इस प्रकरण की अद्यतन जानकारी संघ के  प्रांतीय महामंत्री को अवगत कराई गई, जिसे अब सार्वजनिक किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सुरेश ढीढी और राकेश ठाकुर युवा मोर्चा अध्यक्ष रायपुर के साथ स्कूल शिक्षा विभाग में श्रम सम्मान राशि के संबंध में भी चर्चा की। चर्चा के दौरान यह अवगत कराया गया कि श्रम सम्मान राशि अति शीघ्र स्कूल शिक्षा विभाग को जारी कर दी जाएगी।

संघ सभी साथियों को आश्वस्त करता है कि प्रत्येक विषय पर निरंतर एवं गंभीर प्रयास जारी हैं। जैसे ही कोई अंतिम आदेश अथवा लिखित निर्णय प्राप्त होगा, उसकी सूचना सार्वजनिक रूप से जारी की जाएगी।

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